Villagers of Kasenda encircle the consolidation team
- फोटो : KAUSHAMBI
चायल तहसील के कसेंदा गांव में मंगलवार को चकबंदी के लिए पैमाइश करने गई टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया। ग्रामीण गांव की सभी भूमि चकबंदी प्रक्रिया से बाहर करने की मांग कर रहे थे। बाद में अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
कसेंदा गांव इस समय चकबंदी प्रक्रिया के अधीन है। गांव की तकरीबन 70 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि चकबंदी प्रक्रिया से बाहर कर दी गई है। शेष बची 30 फीसदी भूमि पर चकबंदी प्रक्रिया विचाराधीन है।
ऐसे में मंगलवार की सुबह चकबंदी लेखपाल शिवेश पटेल अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे। इसकी जानकारी जैसे ही ग्रामीणों को हुई तो सभी ने चकबंदी लेखपाल और उनकी टीम को घेर लिया। नारेबाजी करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव को चकबंदी प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर रखा जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि जब गांव की 70 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि को चकबंदी प्रक्रिया से बाहर रखा गया है तो शेष बची 30 प्रतिशत भूमि को क्यों चकबंदी के अधीन कर दिया गया। ग्रामीणों का आक्रोश देख चकबंदी लेखपाल ने जानकारी अधिकारियों को दी।
अधिकारियों ने फोन पर आश्वासन देकर किसी तरह से ग्रामीणों को शांत कराया। सहायक चकबंदी अधिकारी अफजाल अहमद का कहना है कि ग्रामीणों की शिकायत पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही कोई निर्णय लिया जाएगा।