दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग के चौड़ीकरण के लिए अशरफपुर गांव के समीप रेलवे की ओर से बनाए जा रहे अंडरपास का काम मंगलवार को ग्रामीणों के हंगामे के बाद बंद करा दिया गया।
ग्रामीणों ने जीवनगंज और अशरफपुर मार्ग पर जाम लगाकर कार्यदायी संस्था पर अंडरपास को लेकर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। गांव के लोगों का कहना था कि कार्यदायी संस्था ने पहले टी आकार के अंडरपास को बनाने के लिए कहा था, लेकिन अब एल आकार का बनाया जा रहा है। लोगों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन कार्यदायी संस्था के मैनेजर को सौंपा।
मूरतगंज विकास खंड के अशरफपुर गांव के समीप रेलवे लाइन के चौड़ीकरण के लिए अंडरपास बनाया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक रेलवे ने अंडरपास बनाने का जिम्मा डीएफसीसीआईसी कंपनी को दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी के अफसरों ने कहा था कि गांव के लोगों को आने-जाने के लिए टी आकार का अंडरपास बनाया जाएगा।
इसके अलावा काली माता देव स्थान को दूसरी जगह स्थापित किया जाएगा। आरोप है कि अब कंपनी एल आकार का अंडर पास बना रही है। जिसकी वजह से मरधरा आदि जाने के लिए गांव के लोगों को तीन किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा। गांव में किसी भी दुर्घटना पर फायर बिग्रेड की गाड़ी, एंबुलेंस व पुलिस भी देरी से पहुंचेगी।
इसी वजह से मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने जीवनगंज व अशरफपुर के बीच चक्काजाम कर हंगामा किया। गांव के लोगों ने अंडरपास का निर्माण कार्य भी बंद करा दिया। ग्रामीणों ने डीएम को भेजे गए ज्ञापन में अंडरपास को टी आकार में बनाने की मांग की। इस दौरान बाबूलाल, करन सिंह, राकेश कुमार, राधेश्याम, त्रिभुवन, देवचंद्र, छेदीलाल, रामनाथ, छम्मन, मसुरियादीन आदि लोग मौजूद रहे।
Villagers jammed, stopped under-pass work- फोटो : KAUSHAMBI