बैशकांटी बवाल मामले में प्रधान, लेखपाल और सिपाही सस्पेंड
- ग्राम समाज की जमीन पर कराए जा रहे निर्माण को लेकर हुआ था बवाल, 13 पर केेस दर्ज
- डीएम-एसपी ने शुक्रवार को गांव जाकर रुकवाया अवैध निर्माण, चार गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
करारी (कौशाम्बी)। ग्राम समाज की जमीन पर कराए जा रहे निर्माण कार्य को लेकर गुरुवार को हुए बवाल व फायरिंग मामले में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, एसपी प्रदीप गुप्ता ने खुद गांव जाकर हकीकत की पड़ताल की। डीएम-एसपी की जांच में निर्माण अवैध पाए जाने पर उसे तत्काल रुकवा दिया गया। साथ ही मामले में दोषी प्रधान, लेखपाल व बीट के सिपाही को सस्पेंड कर दिया। मामले में 13 लोगों के खिलाफ बलवा व मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की गई, जबकि आठ लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई। चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
बैशकांटी गांव में गुरुवार को भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले थे। इनमें राजकुमार, नथन, नक्खी व मालती को चोट आई थी। एक पक्ष ने दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग भी की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा। पुलिस ने मामले में बलवा का केस दर्ज किया। शुक्रवार को डीएम मनीष कुमार वर्मा व एसपी प्रदीप कुमार गुप्ता बैशकांटी गांव पहुंचे। पीड़ितों से घटना की जानकारी ली। जांच में सबसे ज्यादा दोषी ग्राम प्रधान सुनीता देवी व उसके पति तथा ससुर पाए गए। डीएम ने ग्राम प्रधान सुनीता देवी के वित्तीय अधिकार छीनने के साथ ही उन्हें सस्पेंड कर दिया। साथ ही गांव के लेखपाल रामलोचन व बीट सिपाही को भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। मामले की जांच एसडीएम सदर सतीश चंद्र व सीओ एसएन पाठक को सौंपी गई है। उधर पुलिस ने मामले में नामजद जगेश्वर, सोमी, सोनू और कमलेश को गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर केपी सिंह का कहना है कि मामले में अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है।