मंझनपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा परिणाम को लेकर विद्यार्थियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। छात्र-छात्राएं सभी को नतीजों का बेसब्री से इंतजार है। मेधावियों को मेरिट की चिंता है तो फिसड्डियों को पास होने की। अभिभावक भी यह जानने को खासे उतावले हैं कि उनके लाडले या लाडली ने पढ़ाई में कितनी मेहनत की है। अच्छे नम्बरों के लिए भगवान की चौखट पर पहुंचने का दौर भी एक बार फिर शुरू हो गया है। दूसरी ओर नामी-गिरामी स्कूलों के जिम्मेदार इस बात को लेकर भयभीत हैं कि इस बार हुई नकल विहीन परीक्षा में उनके कॉलेज का नाम रौशन हो पाएगा या पोल ही खुल जाएगी।
नकल मंडी के नाम से विख्यात कौशाम्बी जिले में इस बार प्रशासन की मेहनत काफी हद तक रंग लाई है। अधिकारियों की सख्ती का नतीजा रहा कि हमेशा की तरह इस साल की परीक्षा में खुलेआम नकल नहीं हो सकी। कड़ाई के बीच हुई बोर्ड परीक्षा के परिणाम को लेकर विद्यार्थी खासे चिंतित हैं। बताते चलें कि यूपी बोर्ड की परीक्षा का परिणाम रविवार को आना है। दिन निकट होने की वजह से विद्यार्थियों की नींद उड़ गई है। उन्हें कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा है।
बस एक ही बात की फिक्र है कि रिजल्ट कैसा होगा। पढ़ने-लिखने वाले छात्र बेहतर नम्बर को लेकर चिंतित हैं तो नकल के भरोसे रहने वालों को केवल यह लग रहा है कि वे थोड़े ठीक नम्बर से ही पास हो जाएं। अभिभावकों में भी लाडले-लाडली के रिजल्ट की फिक्र साफ देखने को मिल रही है। विद्यार्थियों और अभिभावकों का चिंतित होना तो लाजिमी है लेकिन जिले के कई स्कूल-कॉलेजों के जिम्मेदार रिजल्ट को लेकर कुछ ज्यादा ही हैरान-परेशान हैं। बात उन शिक्षा के मंदिरों की है जहां से हमेशा जिले में स्थान बनाने वाले मेधावी निकलते थे। ऐसे स्कूलों के संचालकों को इस बात की चिंता सता रही है कि अबकी बार का परिणाम अच्छा नहीं आया तो उन पर नकल के दम पर टॉपर निकालने का दाग लग जाएगा। डीआईओएस राजशेखर का कहना है कि उन्हें पूरी उम्मीद है इस बार का परीक्षा परिणाम चौंकाने वाला रहेगा।