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अनियंत्रित ट्रैक्टर ने मासूम को और डंपर ने बालक को कुचल डाला

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Uncontrolled tractor kills innocent and dumper crushes child - फोटो : KAUSHAMBI
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अनियंत्रित ट्रैक्टर ने मासूम को और डंपर ने बालक को कुचल डाला
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चरवा कोतवाली क्षेत्र के चौराडीह गांव और नगर कोतवाली के गौरा गांव के पास हुआ हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। चरवा कोतवाली क्षेत्र के चौराडीह गांव में रविवार सुबह घर के बाहर खेल रहे एक मासूम को ट्रैक्टर ने कुचल दिया। फिर अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर भी पलट गया। अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में बच्चे की मौत हो गई। हादसे से पीड़ित परिवार के सदस्यों की रो-रोकर हालत खराब हो गई। वहीं नगर कोतवाली इलाके के गौरा गांव के समीप रविवार शाम बेकाबू डंपर ने एक मासूम को रौंद दिया। हादसे में मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
चौराडीह निवासी शिव सोनी किसानी करके परिवार का खर्च चलाता है। रविवार सुबह उसका चार वर्षीय बेटा आयुष घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान एक बेकाबू ट्रैक्टर ने उसे कुचल दिया। हादसे के बाद अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर सड़क पर ही पलट गया। उधर दुर्घटना में घायल बच्चे को लेकर परिजन अस्पताल जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं। हादसे से पीड़ित परिवारीजनों की रो-रोकर हालत खराब हो गई। पुलिस ने जांच के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। चालक फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। अंतिम संस्कार से पहले किसी तरह का कोई हंगामा न हो, इसे लेकर इंस्पेक्टर ने दरोगा और सिपाही को गांव में ही रहने का निर्देश दिया है।
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वहीं मंझनपुर कोतवाली के ओसा गांव का राकेश कुमार (36) पुत्र बरमदीन कादीपुर स्थित भट्ठे पर मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाता है। परिवार की आर्थिक दशा नाजुक होने के कारण 13 वर्षीय बेटे लवलेश व 11 वर्षीय कैलाश को भी वह साथ भट्ठा ले जाता था। दोनों बच्चे ईंट की पथाई का काम करते थे। बताया जाता है कि इन्हें आधी दिहाड़ी मिलती थी। रविवार शाम एक ही साइकिल पर सवार होकर राकेश व उसके दोनों बेटे घर लौट रहे थे। गौरा गांव के समीप पीछे से आए डंपर ने साइकिल में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही तीनों गिर गए। इस दौरान डंपर लवलेश को रौंदते हुए गुजर गया। जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। दुर्घटना की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने मृतक के घायल पिता तथा भाई को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने पिता राकेश को भर्ती कर दिया। जबकि प्राथमिक इलाज के बाद कैलाश को छुट्टी दे दी।
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मां चुप हो जाओ, मेरे सौ रुपये ले लो
मंझनपुर। घटना के बाद परिवार के तमाम लोग पोस्टमार्टम हाउस चले गए। जबकि मृतक की मां एक अन्य महिला के साथ जिला अस्पताल चली गई। अस्पताल में वह फूट-फूटकर रो रही थी। मामूली तौर पर घायल हुआ 11 साल का बेटा कैलाश ढाढ़स बंधा रहा था। पीड़ित मां को सांत्वना देने के लिए छोटे से बेटे के जो शब्द थे, वे किसी की भी आंखों में आंसू लाने के लिए काफी थे। हुआ भी यही कि हर कोई रो पड़ा। बेटा कह रहा था मां मत रो, मेरे सौ रुपये ले लो। ये सौ रुपये मासूम बेटे ने रविवार को भट्ठे पर की गई मेहनत के पाए थे।
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