कोखराज थाना क्षेत्र में 18 साल पुराने दुष्कर्म मामले में अदालत ने बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया। किशोरी को फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के दोषी पाए गए दो अभियुक्तों को 10-10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही दोनों पर 17-17 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
कोखराज थाना क्षेत्र एक गांव में 24 अप्रैल 2007 को किशोरी के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। गांव के हरीलाल उर्फ सत्येंद्र व होरीलाल पर आरोप था कि उन्होंने एक किशोरी को फुसलाकर भगा ले गए। इसके बाद दोनों ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ था।
विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। प्रकरण एडीजे/एफटीसी कोर्ट में विचाराधीन था। गवाहों के बयान और पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। फैसला सुनते ही पीड़िता और उसके परिजनों की आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि न्याय की जीत हुई है।
अदालत ने आठ दोषियों को अर्थदंड से दंडित किया
जिला अदालत ने बृहस्पतिवार को आठ दोषियों को अर्थदंड की सजा सुनाई। अलग-अलग मामलों में दोषी पाए जाने के बाद सभी को जुर्माना भरने की सजा दी गई। सभी फैसले सीजे जेडी द्वितीय की अदालत में सुनाए गए।
चरवा थाना क्षेत्र के हरदुआ निवासी भगौती प्रसाद पर 17 नवंबर 2011 को मारपीट और धमकी का मुकदमा दर्ज हुआ था। वहीं, फरीदपुर सुलेम निवासी आशीष कुमार पर भी 31 अगस्त 2018 को इसी तरह का केस दर्ज था। दोनों को ढाई-ढाई हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। बलीपुर टाटा निवासी मुंदर पासी पर 22 जून 2015 को पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। अदालत ने उसपर डेढ़ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सैनी क्षेत्र के नगियामई निवासी नसीम अहमद पर 26 दिसंबर 1996 को गोवंश अधिनियम का मुकदमा दर्ज हुआ था। उसे 12 सौ रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। चरवा के पन्नोई निवासी राम निहोरे, सत्य प्रकाश, संतोष कुमार और शीला देवी पर 22 मार्च 2018 को निजी संपत्ति को क्षति पहुंचाने का केस दर्ज किया गया था। इन चारों को पांच-पांच सौ रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।