मेडिकल कॉलेज के टेलीमेडिसिन विभाग में मरीजों को ऑनलाइन सलाह देते डॉक्टर। संवाद
मेडिकल कॉलेज के टेलीमेडिसिन विभाग पर मरीजों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। दूरदराज के मरीज घर बैठे डॉक्टरों से उपचार संबंधी सलाह मिलने की सुविधा के कारण अब पहले की तुलना में अधिक मरीज इस सेवा का लाभ उठा रहे हैं।
टेलीमेडिसिन विभाग में डॉ. रंजीत कुमार लहरी, डॉ. आशुतोष शर्मा और डॉ. वैभव केसरवानी की तैनाती है। ये डॉक्टर ऑनलाइन माध्यम से मरीजों की समस्याएं सुनकर उन्हें उपचार और आवश्यक परामर्श दे रहे हैं। इन दिनों प्रत्येक डॉक्टर रोजाना करीब 100 से 120 मरीजों को ऑनलाइन सलाह दे रहे हैं। इस तरह रोजाना करीब 350 से अधिक मरीज टेलीमेडिसिन सेवा का लाभ उठा रहे हैं।
जबकि, पहले यह संख्या करीब 200 से 250 के बीच रहती थी। लेकिन अब इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि टेलीमेडिसिन के जरिए मरीजों को घर बैठे ही विशेषज्ञों से परामर्श मिल जाता है। इससे खासकर दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को काफी राहत मिल रही है।
टेलीमेडिसिन विभाग में ऐसे होता है उपचार
:: जिले के लगभग 235 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को टेलीमेडिसिन सेवा से जोड़ा गया है। इन केंद्रों पर पहुंचने वाले मरीजों की समस्या सीएचओ ई-संजीवनी पोर्टल पर दर्ज करते हैं। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ऑनलाइन माध्यम से मरीजों को परामर्श देते हैं। डॉक्टरों द्वारा पोर्टल के जरिये ही दवाएं भी निर्धारित की जाती हैं। संबंधित केंद्र पर मौजूद सीएचओ मरीजों को वही दवाएं उपलब्ध कराते हैं। उपचार के बाद मरीज के फॉलोअप की जानकारी भी पोर्टल पर अपडेट की जाती है, जिससे उसकी लगातार निगरानी और इलाज संभव हो पाता है।