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डेढ़ माह से अंधेरे में है ग्रामीण

Tue, 02 Aug 2016 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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विकास खंड नेवादा और कौशाम्बी के एक-एक गांव का ट्रांसफार्मर डेढ़ माह से फुंका है। 72 घंटे में फुंके ट्रांसफार्मर को बदलने का दावा करने वाला विभाग डेढ़ माह बाद फुंके ट्रांसफार्मर को उतरवाकर मरम्मत के लिए भी नहीं भेजवा सका। इसे लेकर बगैर बिजली के जी रहे उपभोक्ताओं में खासी नाराजगी है।
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विकास खंड नेवादा के चित्तापुर गांव में 25 केवीए का ट्रांसफार्मर सड़क किनारे लगा है। इससे गांव के कुछ हिस्से में बिजली आपूर्ति की जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर फुंकने की जानकारी पावर हाउस सराय अकिल में तैनात जेई को दी गई लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। इसके चलते उपभोक्ताओं को डेढ़ माह से बगैर बिजली के जीवन यापन करना पड़ रहा है। यही हाल विकास खंड कौशाम्बी के जोगापुर गांव का है। यहां भी ट्रांसफार्मर  डेढ़ माह से फुंका पड़ा है।

ग्राम प्रधान ने मामले की शिकायत जेई से की। उन्हाेंने बदलवाने का आश्वासन भी दिया। इसके बावजूद 25 केवीए का ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा सका। बिजली न मिलने से उपभोक्ताओं का हाल बेहाल है। मामले में जेई सौरभ मौर्य का कहना है कि सूचना मिलने के बाद इस्टीमेट बनाकर ठेकेदार को भेजवा दिया गया है। ट्रांसफार्मर अभी तक क्यों नहीं बदला गया इसकी जांच कराते हुए तत्काल बदलवाया जाएगा। कुछ भी हो डेढ़ माह से ठप विद्युत आपूर्ति को लेकर चित्तापुर और जोगापुर गांव के उपभोक्ताओं का हाल बेहाल है। उन्होंने एक्सईएन विद्युत से फुंके ट्रांसफार्मर को जल्द बदलवाने की मांग की है।
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विद्युतीकरण के बाद ट्रांसफार्मर उतार ले गया ठेकेदार
गोपसहसा विद्युत उपकेंद्र के बारम्बारी गांव में विद्युतीकरण कराने के बाद ठेकेदार ट्रांसफार्मर उतार ले गया। ग्रामीणों ने विरोध किया तो खराबी बताकर बदले जाने की बात कही। इसके बाद आज तक ठेकेदार ने दूसरा ट्रांसफार्मर नहीं लगाया। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कई बार जेई से की पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

गोपसहसा पावर हाउस के बारम्बारी गांव का विद्युतीकरण पिछले दिनों राजीव गांधी योजना अंतर्गत कराया गया था। ठेकेदार ने गांव में विद्युतीकरण कराते हुए 25 केवीए के दो ट्रांसफार्मर लगवाए। इसके बाद चल रहे एक ट्रांसफार्मर को यह कहकर उतरवा ले गया कि डैमेज है इसे बदला जाएगा। तब से आज तक ठेकेदार ट्रांसफार्मर लगाने के लिए गांव नहीं पहुंचा। ट्रांसफार्मर के अभाव में गांव की आधी आबादी को अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ रहा है।

गांव के ओम नारायन, शिवगणेश, शिवबाबू, केशव आदि का आरोप है कि मामले की शिकायत जेई से कई बार की गई पर आज तक सुनवाई नहीं हो सकी है। ऐसे में विद्युतीकरण में शासन का लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी ग्रामीणों को बिजली का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बिजली न मिलने से गांव के उपभोक्ताओं का हाल बेहाल है।
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