मुख्यालय स्थित टाउन फीडर की ट्राली में आग लगने से एक चौथाई जिले की आपूर्ति व्यवस्था बाधित हो गई। सुबह 11 बजे से शाम सात बजे तक लोग बिजली आने का इंतजार करते रहे। बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों को पेयजल के लिए भी परेशान होना पड़ा।
मुख्यालय स्थित टाउन उपकेंद्र से कलक्ट्रेट फीडर, विश्व बैंक फीडर, भरवारी फीडर के अलावा नगर पंचायत मंझनपुर कस्बे समेत सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। रविवार को दिन में करीब 11 बजे टाउन उपकेंद्र की ट्राली में आग लग गई। जब तक कर्मचारी कोई कदम उठाते इसके पहले सारे फीडर की केबिल जल गई। जिससे एक चौथाई जिले में बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई। इस दौरान जोरदार बारिश हो रही थी।
जिससे कर्मचारी मरम्मत का काम नहीं शुरू कर सके। करीब एक बजे बारिश धीमी होने पर मरम्मत का काम शुरू हुआ। मगर बिजली आपूर्ति सुचारु रूप से शुरू नहीं हो सकी। उपकेंद्र पर तैनात जेई और कर्मचारी बार-बार फीडरों की केबिल जोड़ कर आपूर्ति का प्रयास शुरू करते रहे, मगर शार्ट सर्किट की वजह से फ्यूज उड़ जा रहा था। कर्मचारी देरशाम तक खराबी नहीं पकड़ सके। जिसकी वजह से बिजली का आना जाना लगा रहा।
ट्रांसफार्मर फुंकने से अंधेरा
शहजादपुर गांव में लगा 250 केवीए का विद्युत ट्रांसफार्मर शनिवार की रात जल गया। इससे गांव की आधी आबादी में बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली नहीं आने से उन्हें पानी संकट से भी जूझना पड़ा है।
महेवाघाट इलाके में छाया अंधेरा
महेवाघाट इलाके में इन दिनों लोगों को रात अंधेरे में गुजारनी पड़ रही है। तीन दिन से महेवाघाट फीडर उड़ा हुआ है। जिससे सैकड़ों गांवों को बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
महेवाघाट इलाके के सैकड़ों गांवों में असरावल, शहाबपुर और महेवाघाट फीडर से बिजली की आपूर्ति की जाती है। असरावल फीडर जून से ध्वस्त पड़ा है तो शहाबपुर फीडर एक पखवारे पहले दगा दे चुका है। ऐसे में सभी गांवों को महेवाघाट फीडर से बिजली आपूर्ति की जा रही थी। मगर तीन दिन पहले महेवाघाट फीडर भी दगा दे गया। जिससे गांवों में रात में अंधेरा छाया रहता है।