कोखराज गांव में सोमवार की रात हुई थी वारदात
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। कोखराज कोतवाली से एक किलोमीटर की दूरी पर रहने वाली श्रीमती के घर सोमवार की रात उसके बेटों की कनपटी पर तमंचा सटाकर लूट की वारदात हुई। बदमाशों ने श्रीमती को मारापीटा। वह घायल हो गईं। लेकिन पुलिस ने मामला चोरी में दर्ज किया है।
मुंबई में रहकर सिलाई का काम करने वाले अशोक की पत्नी श्रीमती का कहना है कि सोमवार को उनके देवर शमसेर की बरात गई थी। श्रीमती और शमसेर के घर के बीच की दूरी करीब सौ मीटर है। शादी के सभी कार्यक्रम शमसेर के घर से ही हो रहे हैं। बरात जाने के बाद रात को उन्होंने शमसेर के यहां रिश्तेदारों के साथ खाना खाया और अपने बच्चों के साथ घर आ गईं। गर्मी ज्यादा होने के कारण वह बच्चों के साथ घर के बाहर ही सो गईं।
देर रात पहुंचे तीन बदमाशों ने श्रीमती के बेटे आशीष व अंकुश के सिर पर तमंचा सटाते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी और घर की चाबी ले ली। श्रीमती ने विरोध किया तो उन पर डंडों से हमलाकर जख्मी कर दिया। इसके बाद घर में रखे 10 हजार रुपये और लाखों के जेवरात लेकर भाग निकले।
रात को ही घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने श्रीमती का इलाज एक निजी अस्पताल में कराया और दूसरे दिन सरकारी अस्पताल में मेडिकल की प्रकि्रया पूरी की। गौरतलब यह है कि तहरीर के मजमून में कहा गया कि चोर छत के रास्ते अंदर घुसे। सात हजार रुपये और जेवरात उठा ले गए। जेवर सोने-चांदी के थे या आर्टिफीशियल। इसका कहीं जिक्र नहीं है। कुल मिलाकर तहरीर में लिखी बातें और श्रीमती के बयान अलग-अलग हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि पुलिस ने अपने हिसाब से मजमून तैयार करवाया है।
क्या कहते हैं कानून के जानकार
घटना के हिसाब से पुलिस को लूट की धारा में मुकदमा दर्ज करना चाहिए था। अगर तहरीर के मजमून में है कि महिला को बदमाशों ने धक्का देकर गिराया तो भी चोरी में दर्ज किए गए मुकदमे में धारा 458 की बढ़ोतरी की जानी चाहिए थी। एक तरह से देखा जाए तो घटनाक्रम और तहरीर विरोधाभासी है।
पीसी चौरसिया, वरिष्ठ अधिवक्ता फौजदारी
इनका कहना है
पीड़िता ने जो तहरीर दी है उसके हिसाब से मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा होगा। विवेचना के बाद जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
विनोद मौर्या, इंस्पेक्टर कोखराज