विश्वकर्मा जयंती बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विश्वकर्मा के साथ व्यापार, निर्माण आदि जैसे कार्यों में आने वाली मशीनों, औजारों की पूजा की जाती हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना करने से भक्तों की सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसके साथ ही व्यापार में तरक्की और उन्नति होती है।
हिंदू धर्म में विश्वकर्मा जयंती पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने का विशेष महत्व होता है। पंडित देवेश शुक्ल ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सृष्टि के सबसे बड़े व अद्भुत शिल्पकार और प्रजापति ब्रह्मा जी के सातवें पुत्र भगवान विश्वकर्माजी का प्राकट्य दिवस हर साल कन्या संक्रांति के दिन मनाया जाता है। विश्वकर्मा जी को दुनिया का पहले शिल्पकार, वास्तुकार और इंजीनियर थे। विश्वकर्मा जयंती पर फैक्टरी, कारखानों और औद्योगिक संस्थानों में काम आने वाली मशीनों और औजारों की पूजा होती है। इस दिन लोग अपनी कार और मोटर साइकिल की पूजा करते हैं।