मेडिकल कॉलेज में 193 संविदाकर्मियों की भर्ती मामले में कॉलेज प्रशासन ने फिर संशोधन किया है। पहले आयु सीमा 25 से 40 वर्ष तय कर दी थी। इससे 18 से 25 वर्ष तक के हजारों युवा आवेदन से वंचित हो रहे थे। प्रशासन ने मंगलवार को न्यूनतम आयु सीमा 25 की जगह 18 वर्ष कर दी है।
गौरतलब हो कि युवाओं की आकांक्षा को अमर उजाला ने सोमवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके पहले भी भर्तियों में संख्या को लेकर संशय जाहिर करने पर कॉलेज प्रशासन ने स्थिति साफ की थी। अब 18 से 40 वर्ष तक के अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर दिया गया। इससे बेरोजगार युवाओं में उत्साह है।
इधर, पहले से कार्यरत कर्मचारियों का भविष्य भी इसी भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत 128 कर्मचारियों में से 53 को सीधे स्वीकृत पदों पर समायोजित करने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही शासनादेश के के तहत 25 प्रतिशत पदों पर पुराने कर्मचारियों को वरीयता दी जाएगी।
इसी आधार पर 48 अन्य कर्मचारियों को भी मौका मिलेगा। इस प्रकार 101 कर्मचारियों को नए ढांचे में जगह मिलना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, शेष 27 कर्मचारियों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
उनके भविष्य का फैसला कॉलेज प्रशासन की ओर से गठित पांच सदस्यीय स्क्रूटनी कमेटी करेगी। सीएमएस की अध्यक्षता वाली कमेटी पदों की उपयोगिता का आकलन कर शासन को रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद ही अंतिम निर्णय होगा। फिलहाल, पुराने कर्मचारियों में नौकरी बचाने की चिंता है। काॅलेज प्राचार्य डाॅ. हरिओम कुमार सिंह ने बताया कि युवाओं के हित में आयुसीमा 18 से 40 वर्ष कर दी है। प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होगी।