विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अशोक कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने छेड़खानी के दोषी को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को पांच हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है।
पिपरी कोतवाली क्षेत्र की नाबालिग किशोरी ने 31 अगस्त 2013 में शिकायत कर बताया कि 27 अगस्त की देर शाम वह अपने भाई के घर में सोने जा रही थी। तभी इलाके के एक गांव का अर्जुन रास्ते में मिला और उसके साथ छेड़खानी की। शोर मचाने पर किशोरी के भाई को आता देख वह भाग निकला।
पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने अर्जुन के खिलाफ केस दर्ज किया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे का विचारण विशेष न्यायालय पाक्सो एक्ट में किया गया। अभियोजन की ओर से छह गवाह पेश किए गए।
तर्कों को सुनने और पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने अर्जुन पर दोष सिद्ध पाते हुए सजा सुनाई। अर्थदंड न जमा कर पाने की स्थिति में दोषी को तीन माह अतिरिक्त कारावास भुगतने का भी आदेश जारी किया।