शनिवार को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर चरवा स्थित मस्जिद के पास से गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए लोगों की पहचान कड़ाधाम कोतवाली के कमालपुर गांव निवासी अजय हलवाई हाल मुकाम मुंडेरा चुंगी प्रयागराज, गाजीपुर जिले की कुरीमुद्दीनपुर में रहने वाली जैस्मिन उर्फ मुस्कान उर्फ अंजलि पुत्री सर्फुद्दीन हाशमी और कोखराज कोतवाली के सिकंदरपुर बजहा निवासिनी संगीता पत्नी पप्पू पासी के रूप में हुई। एएसपी के मुताबिक अजय के पास पूरन से लूटे गए 1248 रुपये नकद व एक बैग में रखे कपड़े, जैस्मिन के पास से दो हजार नकद और जेवर व संगीता के पास से लूटे गए कपड़े बरामद हुए हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों इन जालसाजों ने पूरन को शादी कराने का झांसा दिया। उससे पैसे ऐंठे व विवाह के लिए कौशाम्बी बुलाया। चरवा इलाके के एक ढाबे में जब पूरन पहुंचा तो उसे शक हुआ। उसने लड़की के घर चलकर शादी करने की बात कही तो विवाद हो गया। इस पर सभी लोग उसके पास रहे रुपये, कपड़े और जेवर लेकर भाग निकले। शनिवार को तीनों आरोपियों के खिलाफ लिखापढ़ी कर चालान कर दिया गया है।
बदायूं व मेरठ के लोगों को बनाते थे शिकार
एएसपी ने बताया कि इस गिरोह के सदस्य खासतौर पर मेरठ व बदायूं जिले के भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। जिले की कई लड़कियों की शादी उन जनपदों में हो चुकी है। इसका फायदा यह गिरोह उठाया करता था। शिकार गिरोह को आसानी से मिल जाता था। तमाम लोग पुलिस से शिकायत भी नहीं करते थे। ऐसे में यह गोरखधंधा चल रहा था।
मजहब के हिसाब से नाम बदलती थी जैस्मिन
गिरोह के लोग दुल्हन के तौर पर गाजीपुर जिले की रहने वाली जैस्मिन को वर पक्ष को दिखाते थे। दूल्हा जिस जाति धर्म का होता था, जैस्मिन का नाम भी उसी हिसाब से बदल जाता था। इसी वजह से उसने अब तक जैस्मिन, मुस्कान व अंजलि बनकर लोगों को बेवकूफ बनाया था। पूरन की होशियारी के कारण यह गिरोह पकड़ा गया है।