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कौशाम्बी : एक खंभे के चक्कर में चली गई तीन जान, फिर हिला भरवारी

Mon, 04 Mar 2024 02:12 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, कौशाम्बी

सार

पटाखा फैक्टरी में धमाके से 12 लोगों की मौत को अभी कुछ ही दिन बीते थे कि भरवारी में एक और घटना ने लोगों को दहला दिया। विभागीय लापरवाही कहें या संयोग ढीले तार की चपेट में डीजे के आने से बरात में शामिल तीन लोगों की असमय मौत हो गई। 
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इसी स्थान पर हाईटेंशन की चपेट में आया डीजे। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पटाखा फैक्टरी धमाके की गूंज हल्की ही पड़ी थी कि उसरापर में करंट से तीन युवाओं की मौत ने एक बार फिर भरवारी को हिला दिया। घटना से लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि बिजली नीचे लटके तारों को एक खंभा लगाकर दुरुस्त कराने के लिए कई बार विभाग से कहा गया पर सुनी न गई। आखिर हादसा हो ही गया।

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जिस लाइन से दर्दनाक हादसा हुआ, वह सिराथू क्षेत्र के राला विद्युत उपकेंद्र के 11 केवी कोखराज फीडर की है। करीब 16 किमी. लंबी इस लाइन से महमदपुर, कोखराज, रसूलपुर, फकीरबक्श का पूरा, अंबहा, चमरूपुर, उसरापर, अयाजमऊ, झंझागढ़ समेत करीब 20 गांवों को बिजली आपूर्ति होती है।

नियमानुसार आबादी के बीच 11 केवी लाइन के तार की ऊंचाई पांच मीटर दो इंच (लगभग 17 फिट), आबादी से बाहर चार मीटर होनी चाहिए। जबकि, उसरापर, अयाजमऊ और झंझागढ़ के पास ही लाइन के तार करीब आठ से नौ फिट पर लटक रहे हैं। मानक के अनुरूप दो खंभों के बीच की दूरी अधिकतम 70 मीटर होनी चाहिए। लेकिन उसरापर और झंझागढ़ समेत कई जगह 100-100 मीटर के अंतराल में खंभे लगे हैं।

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उसरापर और टिटिहिरयापर के बीच सड़क पर बिजली के तार काफी ढीले थे। एक खंभा लगाने से तार ऊंचे हो जाते। पांच महीने में जेई और एक्सईएन से तीन बार शिकायत की। किसी ने नहीं सुनी।

घटना की जानकारी हुई है। विद्युत सुरक्षा निदेशालय की ओर से इस मामले की जांच की जाएगी। जांच के बाद मृतकों के परिजनों को नियमानुसार पांच-पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। जिस अधिकारी-कर्मचारी की लापरवाही सामने आएगी, उस पर कार्रवाई भी की जाएगी। - प्रमोद कुमार, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल, कौशाम्बी
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