मृतक रोहित, मोहित व सूरज। फाइल फोटो
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नीतेश ने बताया दोपहर करीब दो बजे सूरज पैर फिसलने के कारण नदी में डूबने लगा। उसे डूबता देख रोहित, मोहित ौर वह बचाने के लिए आगे बढ़े तो वह भी डूबने लगे। घाट पर ही सेवढ़ा गांव का केशव अपनी भैंस को नहलाने गया था। उसने चारों को डूबता देखा तो शोर मचाते हुए सभी को बचाने के लिए नदी मे कूद पड़ा। नीतेश को तो उसने सकुशल बचा लिया लेकिन तीन लोगों का पता नहीं चल सका।
गंगा घाट पर तीन युवकों के डूबने के बाद जुटी ग्रामीणों की भीड़।
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शोरगुल होने पर पहुंचे स्थानीय मछुआरों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद एक-एक कर तीनों का शव बाहर निकाला। एक ही परिवार के सगे भाई समेत तीन सदस्यों की मौत से घाट पर परिजनों की चित्कार गूंज रही थी। एसडीएम चायल राहुल देव भट्ट भी फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहा लेकिन घरवालों ने मना कर दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर लाश अंतिम संस्कार के लिए घरवालों को सौंप दी।