सरायअकिल सीएचसी के बुआराम का पूरा मजरा बसुहार निवासी रवि कुमार सरोज की बेटी माही (4) करीब पांच दिनों से बुखार से पीड़ित थी। हालत में सुधार नहीं होने पर परिजनों ने डेंगू की आशंका के चलते जांच कराई। स्थानीय अस्पताल में हुई जांच में डेंगू के लक्षण मिले।
जिले में बुखार का कहर कम नहीं हो रहा है। इसकी रोकथाम के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इससे मौतों का सिलसिला जारी है। बुधवार की सुबह भी बुखार से पीड़ित मासूम समेत तीन लोगों ने दम तोड़ दिया। पीड़ित परिवारों में कोहराम है।
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सरायअकिल सीएचसी के बुआराम का पूरा मजरा बसुहार निवासी रवि कुमार सरोज की बेटी माही (4) करीब पांच दिनों से बुखार से पीड़ित थी। हालत में सुधार नहीं होने पर परिजनों ने डेंगू की आशंका के चलते जांच कराई। स्थानीय अस्पताल में हुई जांच में डेंगू के लक्षण मिले। पांच दिन तक चले इलाज के दौरान बुधवार की सुबह उसने दम तोड़ दिया। मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
इसी प्रकार पिपरी क्षेत्र के असरावे कला निवासी मोहम्मद नसीम की पत्नी जरीन (30) को चार दिन पहले बुखार और खांसी की शिकायत हुई। उसे प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार होने पर परिजन उसे घर ले आए। मंगलवार की रात फिर से उसे तेज बुखार आया तो परिजन दोबारा अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे। इस दौरान जरीन की मौत हो गई।
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इसी प्रकार भीखपुर मेंडवारा निवासी मोइनुद्दीन (48) को बुखार आने के दो दिन बाद तिल्हापुर मोड़ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान डेंगू की पुष्टि हुई। दो दिन तक चले इलाज के बाद बुधवार की सुबह मलीनुद्दीन की भी मौत हो गई। बुखार से लगातार हो रहीं मौतों के कारण इलाके में दहशत का माहौल है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लापरवाही बरते जाने को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है।