जिले के अलग-अलग कोतवाली क्षेत्र में दर्ज मुकदमों में सुनवाई करते हुए एसीजेएम की अदालत ने तीन दोषियों को अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार महेवाघाट के अजरौली निवासी राकेश व उसके भाई रमेश के खिलाफ दो सितंबर 2010 को मारपीट व धमकाने का केस दर्ज किया गया था। अदालत ने गवाहों के बयान सुनने व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद दोनों भाइयों पर दोष सिद्ध पाते हुए एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
इसी तरह सैनी कोतवाली के फतेह शाह का पूरा निवासी बुदुन के खिलाफ आम का हरा पेड़ काटने के आरोप में चार अगस्त 2002 को वन संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। इस मामले में अदालत ने दोषी पाते हुए बुदुन को पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
वहीं पश्चिमशरीरा कोतवाली में महेवाघाट निवासी पप्पू के खिलाफ तीन जनवरी 2000 को तमंचा बरामदगी करते हुए पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। प्रकरण में अदालत ने दोषी पाते हुए पप्पू को जेल में व्यतीत की गई अवधि को शामिल करते हुए एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।