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कौशाम्बी : इस बार बदली होगी निकाय चुनाव की तस्वीर, सीटों के आरक्षण पर पड़ेगा प्रभाव

Sun, 07 Aug 2022 01:24 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी

सार

मंझनपुर व भरवारी का विस्तार कर नगर पालिका बना दिया गया है। इसके अलावा दारानगर-कड़ाधाम, पूरब-पश्चिमशरीरा और चरवा समेत तीन नई नगर पंचायतों का गठन हुआ है।
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नगरीय निकाय चुनाव - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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नगर निकाय चुनाव की तस्वीर इस बार बदलेगी। तीन नई नगर पंचायतों का गठन व दो को नगर पालिका का दर्जा मिलने के कारण सीटों के आरक्षण पर प्रभाव पड़ेगा। इस साल जिन जगहों पर सीमा विस्तार हुआ और नए वार्ड बने हैं, वहां पर परिसीमन और आरक्षण के नए फार्मूले लागू होने की प्रबल संभावना है।

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मंझनपुर व भरवारी का विस्तार कर नगर पालिका बना दिया गया है। इसके अलावा दारानगर-कड़ाधाम, पूरब-पश्चिमशरीरा और चरवा समेत तीन नई नगर पंचायतों का गठन हुआ है। जबकि सिराथू, अजुहा, करारी, चायल, और सरायअकिल समेत पांच नगर पंचायतें पहले से हैं। इस तरह से जनपद के नक्शे पर दो नगर पालिका समेत निकायों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। नगर निकाय चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं।


नवगठित नगर निकायों में वार्डों के गठन, परिसीमन और सीटों के आरक्षण को लेकर भी मंथन चल रहा है। नगर पंचायत रहते मंझनपुर की सीट पिछले चुनाव में सामान्य व भरवारी की पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित थी। नगर पालिका क्षेत्र का आरक्षण नगर पंचायतों से अलग होता है। इस कारण दोनों जगहों पर आरक्षण में बदलाव होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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जबकि, नगर पंचायतों का आरक्षण नगर पंचायत की आबादी के हिसाब से होता है। इस बार तीन नई नगर पंचायतें गठित होने के कारण बाकी पुरानी पांच टाउन एरिया के आरक्षण पर भी असर पड़ेगा। अब देखना है कि नई नगर पंचायतों का आरक्षण पहली किस वर्ग के खाते में आएगा। अध्यक्ष का आरक्षण प्रदेश स्तर पर चक्रानुसार तय किया जाता है। जबकि, वार्डों का आरक्षण स्थानीय स्तर पर तय होता है।

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वार्डों के आरक्षण पर भी पड़ेगा बड़ा असर
2017 के निकाय चुनाव में 2011 की जनगणना के आधार पर आबादी के हिसाब से वार्डों के गठन और जातिवार जनसंख्या के आधार पर आरक्षण का फार्मूला तैयार किया गया था। इस बार स्थिति में काफी बदलाव हुआ है। नए नगर निकायों के गठन और मंझनपुर तथा भरवारी नगर पालिका परिषद के रैपिड सर्वे के बाद की स्थिति को देखते हुए वार्डों के परिसीमन एवं आरक्षण को लेकर मंथन किया जा रहा है। कारण यह कि जनगणना के ताजा आंकड़े नहीं होने से अधिकारी भी अनुमानित आंकड़ों को आधार मान कर चल रहे हैं।


अभी आरक्षण के बारे में कोई आदेश शासन से नहीं आया है। तीन नई नगर पंचायतों के गठन व मंझनपुर और भरवारी को नगर पालिका परिषद का दर्जा मिलने के बाद सीटों के आरक्षण पर प्रभाव पड़ेगा। - जयचंद्र पांडेय-एडीएम
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