जिले में इस बार 40 क्रय केंद्रों पर एक नवंबर से धान खरीद शुरू हो रही है। इसके लिए खाद्य विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। इस बार जिले में 60 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 2024 में 58 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य था। उस समय मात्र 63 फीसदी ही खरीद हो सकी थी।
दरअसल, इस बार फसल जल्द होने से किसानों ने निजी व्यापारियों को पहले ही धान बेच दिया है। ऐसे में लक्ष्य के सापेक्ष खरीद कम होने की संभावना जताई जा रही है। जिले के सभी विकास खंडों में क्रय केंद्र बनाए गए हैं। अधिकारियों का दावा है कि किसानों को किसी तरह की असुविधा नहीं होगी।
धान खरीद को लेकर इस बार आठ ब्लॉकों में 40 केंद्र बनाए गए हैं। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि धान खरीदी के लिए अलग-अलग एजेंसियों के केंद्र हैं। इनमें खाद्य विभाग के सबसे अधिक 17 केंद्र, यूपीएसएस के नौ, पीसीएफ व पीसीयू के छह, राज्य कृषि मंडी व भारतीय खाद्य निगम के एक-एक केंद्र शामिल हैं। कृषि व खाद्य निगम के दोनों केंद्र ओसा मंडी में बनाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इस साल कॉमन धान का समर्थन मूल्य 2369 रुपये और ग्रेड ए धान का समर्थन मूल्य 2389 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
-सरकारी केंद्रों पर भुगतान में देरी होती है इसलिए हमने इस बार अपनी फसल स्थानीय व्यापारी को ही बेच दी है। फसल करीब 15 दिन पहले कटी है। 15 दिन इंतजार करते तो फसल सूखकर कम हो जाती। समर्थन मूल्य से कम कीमत मिली है लेकिन तुरंत भुगतान हो गया। - झल्लू, बरौला
सरकारी केंद्रों पर नमी और खराब किस्म का बहाना बनाकर अक्सर धान वापस कर दिया जाता है इसलिए बाजार में बेचना ज्यादा बेहतर समझा। यहां किसी तरह की परेशानी भी नहीं होती। - सावन सोनकर, पूरबशरीरा
- केंद्रों पर धान खरीद की तैयारी पूरी हो चुकी है। तौल मशीन, बोरे और रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था कर ली गई है। खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और सुगम बनाई गई है। किसानों को यहां पेयजल व शौचालय आदि की सुविधा मिलेगी।- सुधांशु चौबे, डिप्टी आरएमओ
नेवादा ब्लॉक के इछना गांव में बना धान खरीद केंद्र। संवाद
नेवादा ब्लॉक के इछना गांव में बना धान खरीद केंद्र। संवाद