बदलते मौसम ने लोगों की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है। दिन में बादल घेरे रहते हैं और रात में ठंड के कारण सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मेडिकल कॉलेज और मंझनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बुधवार को सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सामान्य दिनों की तुलना में बुधवार को करीब 20 फीसदी अधिक मरीज पहुंचे। ओपीडी के डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में हो रहे बदलाव के कारण मौसमी बीमारियां बढ़ रही हैं।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एके सिंह ने बताया कि इन दिनों खांसी, जुकाम, बुखार और गले में संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए। सुबह-शाम ठंड से बचें और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें। इसी तरह पीएचसी मंझनपुर में चिकित्साधिकारी डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन करीब 60 से अधिक मरीज आ रहे हैं, जिनमें अधिकतर वायरल फीवर और सर्दी से पीड़ित हैं। अस्पताल में सभी जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मंझनपुर निवासी रामशरण ने बताया कि वे तीन दिन से बुखार से परेशान हैं और इलाज कराने मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो लंबी कतार के कारण काफी इंतजार करना पड़ा।
सीता देवी ने बताया कि बच्चों में खांसी-जुकाम तेजी से फैल रहा है, जिससे परेशानी बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को अलर्ट करते हुए मरीजों को समय पर इलाज और दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने आवश्यक दवाओं का स्टॉक बढ़ाने के साथ ही डॉक्टरों को सतर्क रहने को कहा है। चिकित्सकों ने लोगों को सलाह दी है कि ठंड से बचने के लिए गुनगुना पानी पीए, गर्म कपड़े पहनें और साफ-सफाई पर ध्यान दें। साथ ही संक्रमण के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।