रोही ओवर ब्रिज की जांच करते राज्य सेतु निगम के महाप्रबंधक गुणवत्ता नियंत्रण प्रकोष्ठ
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दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर रोही के समीप बने फ्लाईओवर के मध्य हुए गड्ढे को शासन ने गंभीरता से लिया है। राज्य सड़क प्रबंधन समिति के सदस्य एवं चायल विधायक संजय गुप्ता की शिकायत पर शासन की ओर से गठित जांच टीम गुरुवार को फ्लाईओवर का निरीक्षण करने आई। टीम ने विधायक के साथ मौके का निरीक्षण करने के साथ ही ओवरब्रिज के एकरूपता और गुणवत्ता की हर सौ मीटर पर जांच कराने का फैसला किया। टीम दो दिन के भीतर जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
तत्कालीन सपा सरकार ने वर्ष 2014 में 37 करोड़ 12 लाख की लागत से रोही गांव के समीप दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर फ्लाईओवर स्वीकृत किया था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 30 जनवरी को भाजपा शासनकाल में प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव मौर्या ने फ्लाईओवर का विधिवत उद्घाटन किया था। महज डेढ़ साल के भीतर फ्लाईओवर के मध्य करीब चार फिट तक सड़क में होल हो गया। तीन जून को इसकी जानकारी होते ही हड़कंप मच गया। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने एसडीएम की रिपोर्ट पर फ्लाईओवर को सुरक्षा कारणों से वनवे करा दिया। अगले दिन चार जून को राजधानी लखनऊ में राज्य सड़क प्रबंधन समिति की बैठक में समिति के सदस्य एवं चायल विधायक संजय गुप्ता ने डिप्टी सीएम केशव मौर्या के सामने प्रकरण को रखा। विधायक की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी सीएम ने फ्लाईओवर में आई दिक्कतों की जांच के लिए राज्य सेतु निगम एवं लोक निर्माण विभाग को अलग-अलग टीम गठित कराने का निर्देश दिया।
इसके बाद गुरुवार को राज्य सेतु निगम के महाप्रबंधक गुणवत्ता नियंत्रण प्रकोष्ठ संजय तिवारी ने पांच सदस्यीय टीम को लेकर विधायक संजय गुप्ता के साथ ओवरब्रिज का निरीक्षण किया। राज्य सड़क प्रबंधन समिति के सदस्य संजय गुप्ता ने टीम को फ्लाईओवर के हर 100 मीटर पर कंक्रीट की स्टेंथ, होम्योजेनिटी (एकरूपता) व मटेरियल के क्वालिटी (गुणवत्ता) की जांच कर दो दिन में रिपोर्ट प्रेषित करने का निर्र्देश दिया। निरीक्षण के दौरान पांच सदस्यीय जांच टीम के अतिरिक्त मुख्य परियोजना प्रबंधक आर के सिंह, उपपरियोजना प्रबंधक अनिरुद्ध यादव, यूवी शुक्ला आदि अफसर भी मौजूद रहे।