सिराथू ब्लॉक क्षेत्र की साधन सहकारी समिति मोहम्मदपुर पइंसा में बृहस्पतिवार को डीएपी लेने के लिए किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा। खाद खत्म न हो जाए, इस आशंका से किसान खींचतान और धक्कामुक्की करने लगे। हालत बिगड़ते देख पुलिस बुलाई गई। तब डीएपी का वितरण किया जा सका। इसके बाद भी तमाम किसानों को डीएपी नहीं मिली।
साधन सहकारी समिति में 200 बोरी डीएपी और 60 बोरी एपीएस आई थी। कई दिनों से डीएपी के लिए परेशान किसानों को पता चला तो सैकड़ों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई जल्दी से जल्दी डीएपी लेना चाह रहा था। स्थिति यह बनी कि लोगों के बीच धक्कामुक्की तक होने लगी।
अव्यवस्था इस कदर हावी हो गई कि टोकन और डीएपी का वितरण मुश्किल हो गया। परेशान किसान समिति के कर्मचारियों पर चहेतों और सिफारिश वालों को पहले डीएपी देने का आरोप लगाने लगे।
नन्हा पाल, बच्चा पाल, राजपाल सरोज, अखिलेश कुमार, अवधेश, उमेश कुमार, बबलू, राधेश्याम साहू आदि ने मनमानी का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
किसानों का कहना था कि जो लोग घंटों से भीड़ में धक्के खा रहे हैं, उन्हें इंतजार कराया जा रहा है। जबकि, सिफारिश वाले और परिचितों को पहले डीएपी दी जा रही है। आखिर में कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। मौक पर आई पुलिस ने किसानों को समझाबुझा कर शांत कराया।
इसके बाद कतार में सभी को लाइन में खड़ा कराकर टोकन व डीएपी का वितरण कराया। शाम चार बजे तक वितरण हुआ। इसी बीच अचानक समिति की ईपॉस मशीन में खराबी आ गई। इसके कारण खाद का वितरण रोकना पड़ा।
पइंसा के उमेश कुमार सरोज, कुर्बान अली शाह समेत तमाम किसान बिना डीएपी के लिए लौट गए। किसानों ने कहा कि डीएपी की जरूरत है। आलू और गेहूं दोनों की बोआई पिछड़ रही है। अधिकारी सिर्फ कागजों पर डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता दिखा रहे हैं।
डीएपी का वितरण नियमों और उच्चाधिकारियों के आदेशों के अनुरूप किया जा रहा था। जल्दीबाजी के चक्कर में किसान हंगामा करने लगे। किसानों ने जो आरोप लगाए हैं, वह पूरी तरह से निराधार हैं। निष्पक्षता के साथ वितरण हुआ है।
हारुन, सचिव, साधन सहकारी समिति, पइंसा