क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था बदहाल होने से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पश्चिमशरीरा बस स्टैंड चौराहे से शाम छह बजे के बाद जिला मुख्यालय या अन्य स्थानों के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं हो पाता। ऐसे में यात्रियों को निजी वाहन बुक करके महंगे दामों पर सफर करना पड़ता है।
स्थानीय निवासी सुभाष ने बताया कि वह बुधवार की शाम छह बजे से मंझनपुर जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रहे थे लेकिन रात नौ बजे तक कोई साधन नहीं मिला। इसी तरह बड़हरी की सीमा देवी को राजापुर जाने के लिए रात तक इंतजार करना पड़ा और आखिरकार निजी वाहन बुक कर घर जाना पड़ा।
वर्तमान में कस्बे से केवल दो रोडवेज बसों का संचालन होता है। पहली बस सुबह साढ़े पांच बजे प्रयागराज के लिए और दूसरी सुबह छह बजे कानपुर के लिए जाती है। इसके बाद पूरे दिन यात्रियों को डग्गामार बसों, ई-रिक्शा और सीएनजी पर निर्भर रहना पड़ता है।
परिवहन विभाग ने छह अगस्त को राजापुर से बैरागीपुर चौराहा, पश्चिमशरीरा, सरायअकिल होते हुए प्रयागराज के लिए रोडवेज बस सेवा शुरू की थी लेकिन उद्घाटन के अगले ही दिन बस बंद कर दी गई। यहां से बड़हरी, गोराजू, गढ़ी बाजार, कटरी समेत करीब बीस गांवों के दो हजार से अधिक यात्री रोजाना आवाजाही करते हैं।
परिवहन सुविधा के अभाव में इन सभी को कठिनाई उठानी पड़ रही है। बता दें कि शासन ने 31 दिसंबर 2019 को पश्चिमशरीरा को नगर पंचायत का दर्जा दिया था लेकिन मूलभूत सुविधाओं से यह कस्बा आज भी वंचित है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि परिवहन विभाग को नियमित बस संचालन की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि आमजन को निजी वाहनों पर निर्भर न रहना पड़े।
पश्चिमशरीरा से बस संचालन की व्यवस्था की गई थी लेकिन यात्रियों की संख्या बेहद कम होने के कारण बसों का संचालन नियमित रूप से नहीं हो सका। यदि भविष्य में यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो बस सेवा को दोबारा शुरू करने पर विचार किया जाएगा। - गंगा शंकर शर्मा, डिपो इंचार्ज