जिले के 41 में 34 सरकारी क्रय केंद्रों पर पिछले चार दिनों से गेहूं बोहनी तक नहीं हुई। जबकि आढ़तियों किसानों के लगातार गेहूं खरीद रहे हैं। वहीं, अब तक 36 प्रतिशत ही गेहूं की खरीद हो पाई है। इसकी एक वजह यह भी है कि आढ़ती किसानों को निर्धारित मूल्य से ज्यादा कीमत पर गेहूं खरीद रहे हैं। ऐसे में 15 जून तक जिले को निर्धारित लक्ष्य हासिल करना है।
जिले में करीब 86 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की पैदावार हुई है। शासन की ओर से निर्धारित लक्ष्य 22,500 एमटी गेहूं खरीदने के लिए जिले भर में विभिन्न एजेंसियों के 41 क्रय केंद्र खोले गए हैं। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये निर्धारित किया है। जबकि मंडी में गेहूं का भाव 2500 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर चल रहा रहा है।
यही कारण है कि किसान सीधे आढ़ती को ही गेहूं बेच रहे हैं। दूसरी वजह यह भी है कि मंडी में किसानों का तत्काल भुगतान हो जा रहा है। जबकि सरकारी क्रय केंद्रों पर खातों में भुगतान भेजने की व्यवस्था है। तमाम कवायद के बावजूद अब तक सिर्फ 8127 एमटी गेहूं की खरीद हो सकी है। जो लक्ष्य का 36.12 प्रतिशत है। आवाक कम होने से कई केंद्र तो बंद भी हो गए हैं। उनका संचालन सिर्फ कागजों पर हो रहा है। हालांकि, विभाग क्रय केंद्रों के बंद होने से इन्कार किया है।
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क्रय केंद्र पर पसरा सन्नाटा, मोबाइल वैन के जरिये की खरीद
मंडी स्थित क्रय केंद्र के प्रभारी दिनेश कुमार पांडेय ने बताया कि तय लक्ष्य 12 हजार क्विंटल के सापेक्ष 23 मई तक मात्र 97 किसानों से 5,121 क्विंटल हुई है। बाजार में गेहूं 2540 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिकने के कारण पांच दिन से सरकारी क्रय केंद्र पर किसान नहीं आ रहे हैं। शाखा के रामदीन, दिवाकर, रमेशचंद्र आदि किसानों का कहना है कि जब बाजार में बेहतर दाम मिल रहे हैं, तो वे सरकारी केंद्रों पर क्यों जाएं। कौशाम्बी ब्लाॅक के जाठी गेहूं क्रय केंद्र प्रभारी कंचन ने बताया कि इस बार गेहूं का बाजार मूल्य ज्यादा होने के कारण किसान केंद्र पर नहीं आ रहे हैं। मोबाइल वैन के जरिये 100 किसानों के घर जाकर तकरीबन चार हजार क्विंटल गेहूं की तौल कराई गई है।
सर्वाधिक गेहूं खरीद कर मंडल में अव्वल हुआ कुम्हियावां केंद्र
सरसवां ब्लॉक के कुम्हियावां बाजार में एफसीआई का दो गेहूं क्रय केंद्र है। प्रभारी संतोष कुमार ओझा ने बताया कि अब तक 174 किसानों का 9,600 क्विंटल गेहूं खरीद कर मंडल का पहला क्रय केंद्र बना है।
बोले अफसर
गेहूं खरीद की रफ्तार बढ़ाने के लिए किसानों से लगातार घर-घर जाकर संपर्क किया जा रहा है। पिछले साल इस अवधि तक सिर्फ 13 फीसदी खरीद हुई थी। प्रदेश में अब तक की औसत खरीद 34 फीसदी है। जबकि, जिले में 36.12 फीसदी खरीद की जा चुकी है। हमारा प्रयास है कि हर हाल में गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा हो जाए। - सुधांशु शेखर चौबे, डिप्टी आरएमओ