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Kaushambi News: गांवों में पहुंची नहीं टीम, कागजों पर 15 लाख को खिला दी दवाई

Sat, 02 Sep 2023 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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मंझनपुर। फाइलेरिया उन्मूलन अभियान स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की बाजीगरी की भेंट चढ़ गया। मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान के तहत जिले के 15 लाख लोगों को फाइलेरियारोधी दवा खिला दी गई, जबकि जमीनी हकीकत कागजी आंकड़ों से इतर है। अधिकांश गांवों में न तो अब तक स्वास्थ्य टीम पहुंची और न ही दवाएं खिलाई गईं।
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जिले को फाइलेरिया से मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 10 अगस्त से मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान की शुरुआत की गई। इसके तहत जिले की 18 लाख आबादी को फाइलेरियारोधी दवा खिलानी थी। जिला मलेरिया अधिकारी अधिकारी अनुपमा मिश्रा के अनुसार 30 अगस्त तक 84 प्रतिशत यानी कि 15 लाख 33 हजार 316 लोगों को दवा खिला दी गई। जबकि कस्बों व कई गांवों के लोगों का दावा है कि दवा खिलाने कोई आया ही नहीं।

आम लोगों को छोड़िए अभी तक सरकारी कर्मचारियों को भी दवा नहीं खिलाई गई। बीएसए कार्यालय में जिला समन्वयक योगेश तिवारी, वीरेंद्र कुमार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सचिन, विजय विक्रम नायक, कृष्ण कुमार आदि ने बताया कि उन्हें या उनके परिवार के किसी भी सदस्य को दवा नहीं खिलाई गई। नेता नगर मोहल्ले के ऊधोश्याम, रामप्रसाद, रामचंद्र आदि ने भी बताया उनके मोहल्ले में स्वास्थ्य टीमें नहीं पहुंचीं।
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कड़ा संवाददाता के अनुसार फरीदागंज, थुलगुला, थोन आदि गांव में पता करने पर ग्रामीणों ने बताया कि टीम आई तो थी, लेकिन परिवार में सदस्यों की संख्या के हिसाब से घर में दवा देकर चली गई। ऐसे में ज्यादातर लोगों ने दवा का सेवन ही नहीं किया। जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीम को ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने सामने दवा खिलाने का निर्देश दिया गया था। कोर्रों निवासी भोलू, संदीप, दिनेश व हजरतगंज निवासी योगेंद्र सिंह आदि ने बताया कि उनके परिवार में भी किसी सदस्य को दवाई नहीं खिलाई गई।

गांव में स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम नहीं आई है। फाइलेरिया रोधी की दवा खिलाए बगैर कागजों पर सरकारी आंकड़े पूरे किए जा रहे हैं।- प्रभाकर मिश्रा, बेरौंचा

गांव में आशा द्वारा कुछ घरों में दवा बांटी गई है। लेकिन यह नहीं बताया गया कि यह दवा किस मर्ज की है। सही जानकारी नहीं होने की वजह से दवा को लोगों ने फेंक दिया- मुकेश तिवारी, सोंधिया




अभियान के दौरान जो भी व्यक्ति दवा खाने से वंचित रह गया है। उसके लिए दो सितंबर से फिर अभियान चलाया जाएगा। आशा और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की ओर से दिए गए आंकड़ों की पड़ताल होगी।- डॉ. रामानुज कनौजिया, डिप्टी सीएमओ
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