मई में दो बार आई आंधी व बरसात बिजली विभाग को करीब 18 लाख की चोट दी है। बिजली विभाग ने स्टोर व उपकेंद्रों में पड़े विद्युत पोल व तार से किसी तरह से आपूर्ति तो बहाल कर दी, लेकिन आने वाले दिनों में आंधी को लेकर अब बिजली सुचारू रूप से संचालित रखने का विकल्प नहीं बचा है। दरअसल, अब विभाग के पास नया समान खरीदने का बजट ही नहीं बचा है।
जिले में 21 व 23 मई को आंधी के साथ बरसात हुई है। इसे लेकर करीब 150 गांवों की विद्युत आपूर्ति प्रभावित र्हुई। बिजली विभाग ने आपूर्ति सुचारू रूप से संचालित रखने के लिए पहले से कोई तैयारी नहीं की थी। विद्युत पोल व तार की डिमांड नहीं की गई। अचानक बिजली आपूर्ति लड़खड़ा जाने के कारण अफसरों के होश उड़ गए। करीब 150 गांव बिजली नहीं होने के कारण अंधेरे में आ गए थे।
वर्कशॉप व उपकेंद्रों में पड़े पुराने बिजली के पोल व तार मंगवाकर किसी तरह से आपूर्ति तो बहाल करा दी गई, लेकिन अब आने वाले दिनों में आंधी-तूफान की आशंका से अफसर परेशान हैं। अफसरों के मुताबिक अब स्टोर में सामान नहीं बचा है। अगर आंधी आती है और बिजली के खंभे और तार टूटते हैं तो अपूर्ति सुचारू करने में परेशानी होगी।
अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार श्रीवास्तव का कहना है विभाग के पास नए पोल व तार खरीदने का बजट नहीं है। किसी तरह जुगाड़ के सहारे प्रभावित गांवों की आपूर्ति बहाल कराई गई। अब आने वाले दिनों में अगर फिर से आंधी-तूफान आया तो आपूर्ति सुचारू रुप से संचालित रखने का संकट खड़ा होगा।
ट्रांसफारमर की बढ़ाई गई क्षमता
अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार श्रीवास्तव का कहना है गर्मी के कारण ट्रांसफारमर ओवरलोड हो रहे थे। परेशानी को देखते हुए जिले में ट्रांसफारमरों की क्षमता बढ़ाई गई। जिले में नौ ट्रांसफारमर की क्षमता 63 से बढ़ाकर सौ केवीए, नौ ट्रांसफारमर की क्षमता 25 से बढ़ाकर 63 केवीए की गई है। इसके अलावा सौ केवीए के एक ट्रांसफारमर की क्षमता बढ़ाते हुए 250 केवीए की गई है।
संभव में हो रहा समस्या का समाधान
बिजली विभाग से जुड़ी समस्याओं के निदान को लेकर अब हर सोमवार को संभव अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत डिवीजन में एक्सईएन सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक उपभोक्ताओं के बिल संबंधी समस्या का निदान करेंगे। इसके बाद दो बजे से शाम पांच बजे तक अधीक्षण अभियंता कार्यालय में लोगों की समस्याएं सुनीं जाएंगी। सोमवार को अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार के सामने कमालपुर उपकेंद्र से आपूर्ति पाए थुलगुला निवासी विजय कुमार मिले।
विजय का कहना था कि उनका कनेक्शन चायल डिवीजन से हो गया, जबकि कनेक्शन उन्होंने मंझनपुर डिवीजन से लिया। पहले की गई शिकायत पर कनेक्शन तो मंझनपुर डिवीजन में करके बिल जारी कराना शुरू कर दिया गया, लेकिन पहले जमा किए गए बिल भुगतान का पैसा नए कनेक्शन में समायोजित नहीं किया जा रहा। इस पर एसी ने एसडीओ सिराथू को विद्युत कनेक्शन में संशोधन कराते हुए बिल सही कराने के लिए निर्देश दिया। इसी तरह दो मामले ट्रांसफारमर की क्षमता बढ़ाने को लेकर आए। अधीक्षण अभियंता ने संबंधित पॉवर हाउस के जेई से गांव का सर्वे कराते हुए ट्रांसफारमर की क्षमता वृद्धि करने का निर्देश दिया।