नौढि़या गांव में फूलमती की हत्या के बाद बच्चे फूट-फूटकर रो रहे थे। बेटे दीपू ने बताया कि पिता मां पर गलत इल्जाम लगाता था। जब भी वह शराब पीकर घर आता था तो अक्सर नाजायज संबंध को लेकर मां से मारपीट करता था। वह सोमवार की दोपहर भी शराब पीकर घर आया था।
दीपू ने बताया कि सभी भाई-बहन घर के बाहर खेल रहे थे। मां घर में अकेली थी। इसी दौरान पिता ने उसे मार डाला। पिता को घर से बाहर खून से सना हथियार लेकर भागता देख वह घर गया तो मां को पड़ा देख चीखने-चिल्लाने लगा। मोहल्ले वालों को घटना की जानकारी हुई तो वह मौके पर पहुंचे। जब तक लोग कुछ करते फूलमती की मौत हो चुकी थी।
नौढि़या गांव के फूलचंद्र सरोज की पांच बच्चे हैं। बड़ी बेटी रागनी (23), रेशमा (18), बड़ा बेटा दीपू (16), दिलीप (14) व राहुल (12)। रागनी की पांच साल पहले शादी हो चुकी है। जबकि दीपू, दिलीप और राहुल माता-पिता के साथ रहकर गांव के सरकारी विद्यालय में पढ़ाई करते थे। दीपू का कहना है कि उसका पिता फूलचंद्र कोई काम नहीं करता है। मां ही गांव में लोगों के यहां मेहनत-मजदूरी करती थी। इसी से घर का गुजर-बसर होता था। मां पिता का कमाने के लिए परदेश जाने को कहती तो पिता मां पर गलत इल्जाम लगाता था। अक्सर इसे लेकर विवाद होता रहता था। यह कलह कई वर्षों से हो रही थी।