मंझनपुर/कड़ा/बिसारा। कौशाम्बी में मौसम का कहर जारी है। हफ्तेभर बाद फिर आसमान से किसानों के लिए आफत बरसी। तेज गरज-चमक और हवाओं के साथ रविवार को दिनभर जोरदार बारिश हुई। इससे खेत, खलिहान, सड़कें, गलियां जलमग्न हो गए। खेतों में पानी भर जाने से गिरी गेहूं, सरसों, चना आदि की फसलें नष्ट होने के कगार पर हैं। इससे जिलेभर के किसान परेशान हैं। बरसात देख रूआंसे हुए किसानों का कहना है कि मौसम की मार ने उन्हीं पूरी तरह से तबाह करके रख दिया है।
कौशाम्बी के किसानों के लिए मौसम इस बार बेइमान बना है। आलू, गेहूं, चना, मटर की बुआई के समय से 10-10 दिन रुककर तेज हवाओं के साथ बरसात हो रही है। बुआई के समय हुई बारिश से खेतों में पानी भर जाने से जहां बीज सड़ गए थे। वहीं दुबारा बुआई से तैयार हुई फसल पर फिर से लगातार मौसम की मार पड़ रही है। अभी 10 दिन पहले दो दिनों तक तेज हवाओं के साथ जमकर बारिश हुई थी। इससे गेहूं, आलू, चना, मटर, सरसों, अरहर आदि की फसलें गिरकर बर्बाद हुई थी।
खुद कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के मुताबिक 10 दिन पहले हवाओं के साथ बरसे पानी से कम से 30 फीसदी फसलें नष्ट हुई थीं, जबकि किसानों के मुताबिक आंधी-पानी से उन्हें 50-60 फीसदी फसलों का नुकसान हुआ था। इधर, बारिश के बाद धूप खिलने से किसानों को लगा था कि मौसम की मार से बची फसलों से उन्हें कुछ पैदावार मिल जाएगी। पर, शनिवार की शाम अचानक फिर से मौसम बिगड़ गया। रविवार की सुबह होते-होते तेज गरज-चमक और हवाओं के साथ झमाझम बरसात होने लगी। दिनभर हुई जोरदार बरसात से जहां कस्बे और गांवों में सड़क-गलियां जलमग्न हो गई हैं। वहीं खेत-खलिहान भी लबालब हो गए हैं।
सिराथू क्षेत्र के किसान अंगद प्रसाद, गुलाब यादव, सतीश तिवारी, रामभवन पाल, भोला दूबे, मान सिंह पटेल, अनिल पटेल, शिवशंकर मौर्य, सीताराम, रोशनलाल, सोनेलाल आदि ने बताया कि खेतों में पानी भर जाने से गिरी फसलें सड़ जाएंगी। इससे एक दाना भी पैदावार अब संभव नहीं है।
तेज हवाओं के साथ रविवार को दिनभर हुई जोरदार बारिश ने कस्बे और गांवों में सफाई और जलनिकासी व्यवस्था की सारी पोल खोल दी। सिराथू तहसील की देवीगंज बाजार में तो कुछ घंटों की ही बारिश से सड़कें तालाब बन गई हैं। सैनी-लेहदरी मार्ग पर घुटने तक पानी भर जाने से लोगों को आने-जाने में दिनभर परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं जलनिकासी नहीं होने से बारिश का पानी देवीगंज बाजार में सड़क किनारे बनी दुकानों में भी घुसने लगा था। जलभराव की ऐसी ही समस्या कड़ा, अजुहा, सिराथू, मंझनपुर, मूरतगंज, चायल, सरायअकिल के भी कई मोहल्लों में देखने को मिली।