मंझनपुर। महामाया योजना का अनाज बेचना कोटेदारों को महंगा पड़ सकता है। जिले के ज्यादातर कोटेदारों ने अनाज का उठान करने के बाद वितरण नहीं किया है। जिलाधिकारी को वितरण में अनियमितता की तमाम शिकायतें मिली हैं। डीएम ने जिलापूर्ति अधिकारी समेत जिलास्तरीय अफसरों की टीम गठित करके वितरण और स्टाक की जांच करने का निर्देश दिया है। डीएम का दावा है कि वितरण में अनियमितता मिली तो संबंधित दुकान को निलंबित करके कोटेदार को जेल भेज दिया जाएगा।
उच्चाधिकारियों की हिदायत और कार्रवाई के बाद भी कौशाम्बी में अनाज वितरण में अनियमितता बंद नहीं हो सकी है। जिलापूर्ति अधिकारी अखिल कुमार सिंह के तमाम कवायदों के बाद भी कोटेदार बीच का रास्ता निकाल ले रहे हैं। डीएसओ ने बताया कि पिछले महीने महामाया अनाज की उठान कोटेदारों को कराई गई थी। जिले में ज्यादातर कोटेदारों ने अनाज उठान करने के बाद उसका वितरण नहीं किया है। जिलाधिकारी से अनाज वितरण में गड़बड़ी की तमाम शिकायतें की गई हैं। शिकायतों के मद्देनजर जिलाधिकारी ने सरकारी सस्ते गल्ले के दुकानों में स्टाक और वितरण की जांच की कार्ययोजना बनाई है। डीएम ने जिलापूर्ति अधिकारी एवं जिलास्तरीय अन्य अफसरों की टीम गठित कर दी है। मातहतों को अभियान चलाकर अनाज वितरण की हकीकत खंगालने का निर्देश दिया है। डीएसओ ने बताया कि जनवरी में वितरित होने वाले महामाया अनाज की 23 से 31 दिसंबर तक कोटेदारों को उठान कराई जाएगी।
लाभार्थियों से नजदीकी दुकान से अनाज लेने का आह्वान किया है। साथ ही वितरण में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित दुकान को निलंबित करके कोटेदार को जेल भेजने की चेतावनी दी है। मामले में डीएम राजमणि यादव का कहना है कि वितरण में अनियमितता मिलने पर कोटेदारों को बख्शा नहीं जाएगा। संबंधित कोटेदार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्टाक और वितरण का सत्यापन करने वाले कर्मचारी को भी दंडित किया जाएगा। वहीं डीएसओ का कहना है कि अनियमितता किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।