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महिला सभासद यानी रबर स्टांप

Thu, 19 Feb 2015 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
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सिराथू। नगर पंचायत सिराथू में 11 वार्ड हैं। इनमें से चार वार्डों में महिला सभासद निर्वाचित हुई हैं। पर, चुनाव जीतने के बाद भी वे घूंघट से बाहर नहीं निकल पाई हैं। इन सभी महिला सभासदों की भूमिका सदन की होने वाली बैठक में मौजूद रहकर रबर स्टांप वाली भूमिका अदा करने तक ही सीमित है। क्षेत्र में इनके पति ही सभासद के रूप में जाने जाते हैं। वही उनका सारा कामकाज देखते और निपटाते हैं।
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नगर पंचायत सिराथू की आबादी तकरीबन 25 हजार के आसपास है। कुल 11 वार्डाें में बंटी इस नगर पंचायत के वार्ड नंबर एक (सिराथू खास) से रेखा देवी सभासद हैं। रेखा देवी ने भले ही चुनाव जीता है। पर, जीत उनके पति सूबेदार सिंह के नाम पर ही हुई है। वे ही उनका सारा कामकाज देखते हैं।

 रेखा देवी बड़ी ही साफगोई से कहती हैं कि महिला सीट थी, इसलिए उनके नाम से चुनाव लड़ा गया है। पर, चुनाव लड़ने से लेकर मोहल्ले की समस्याएं और विकास कार्य सभी काम उनके पति ही देखते हैं। उन्हें राजनीति नहीं आती है। बस सिर्फ गृहस्थी ही संभाल सकती हैं। इसीतरह वार्ड नंबर तीन यानि अंबेडकर नगर से अनीता देवी सभासद हैं। वे अपने को शिक्षित तो बताती हैं। पर, फोटाें खींचने का नाम सुनते ही झट से घुंघट निकाल लेती हैं।
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आग्रह करने पर भी अखबार के लिए फोटो खिंचवाने को कत्तई तैयार नहीं हुई। महिला जनप्रतिनिधि होने के बाद भी उनका काम पति ही देखते हैं। इस सवाल पर इंटरमीडिएट उत्तीर्ण अनीता देवी सफाई देती हैं कि सभी महिलाओें के पति ही कामकाज देखते हैं। जब अन्य कोई महिला सभासद आगे आने को तैयार नहीं तो अकेले वे क्या कर सकती हैं। बताया कि वे घर का कामकाज देखती हैं। सभासदी का सारा कामकाज उनके पति हीरालाल संभालते हैं। वार्ड नंबर 9 राम लाल का पुरवा से शिमला देवी सभासद हैं। इनका काम भी उनके पति राकेश ही संभालते हैं।

खास बात यह है कि सभासद होने के साथ ही उनकी पति घर की खरीददारी के लिए बाजार और खेतों का काम तो संभाल लेती हैं। पर, उन्हें बैठक में जाना और और अपने वार्ड की उस जनता से मिलना गवारा नहीं है, जिसने उन्हें वोट देकर सभासद बनाया है। इसीतरह वार्ड संख्या 10 सयारा/बनपुकरा से सुधा सिंह सभासद चुनी गई हैं। सुधा सिंह स्नातक हैं। वे कहती है कि जब सदन की बैठक होती है तो वे जरूर जाती हैं। अभी तो वे सीख रही हैं। घर में जो महिलाएं समस्याएं लेकर आती हैं। वे अपने पति से कहकर उनकी पूरी मदद करवाती हैं। उल्लेखनीय है कि उनके पति अरविंद्र प्रताप सिंह पहले खुद सभासद थे। सीट आरक्षित होने पर अपनी पत्नी को चुना लड़ाकर सभासद बना दिया।

नगर पंचायत सिराथू के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव का दावा है कि नगर पंचायत की बैठक में उनके यहां महिला सभासद की जगह उनके प्रतिनिधियोें के बैठने की परंपरा नहीं है। बताया कि बैठक में सभी महिला सभासद आती हैं। हालांकि उन्होंने भी इस सच को स्वीकार किया कि सदन की बैठक में ये महिला सभासद गूंगी गुड़िया ही बनी रहती है। क्षेत्र में उनके पति ही सक्रिय रहते हैं। बताया कि धीरे-धीरे महिलाओं में जागरूकता आ रही है। बदलाव की बयार चल रही है। जैसे बैठक में महिलाएं आने लगी हैं। वैसे धीरे-धीरे वे क्षेत्र में भी सक्रियता दिखाने लगेगी।
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