विधानसभा चुनाव में दोआबा के दो दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है। दोनों दिग्गज खुद अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से चुनावी समर में हैं। इनके सामने खुद की जीत के साथ ही तीनों सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों को जिताने का दबाव है। दोनों के लिए जिले का चुनाव परिणाम बेहद अहम माना जा रहा है। क्योंकि, यही नतीजे पार्टी के साथ ही सूबे की सियासत में उनका कद तय करेंगे। ऐसे में दोनों के लिए विधानसभा चुनाव करो या मरो वाला साबित होगा।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को भाजपा ने उनके गृहनगर सिराथू से चुनावी समर में उतारा है। जबकि, सपा ने राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री इंद्रजीत सरोज को मंझनपुर सीट से उम्मीदवार बनाया है। दोनों दिग्गजों का अपनी-अपनी पार्टी और सूबे की सियासत में बड़ा कद है। लेकिन चुनाव में प्रतिद्वंदी दलों ने दोनों दिग्गजों की घेराबंदी कर रखी है।
डिप्टी सीएम की घेराबंदी के लिए समाजवादी पार्टी ने अपना दल (कमेरावादी) की मुखिया कृष्णा पटेल की बेटी पल्लवी पटेल को गठबंधन से उम्मीदवार बनाया है। डिप्टी सीएम जहां खुद को जिले का बेटा कहकर लोगों से भावनात्मक रिश्ता जोड़ रहे हैं, वहीं पल्लवी अपने को जिले की बहू बताकर वोट समर्थन की अपील कर रही हैं। आखिरी दिन आठ फरवरी को नामांकन दाखिल करने के बाद से पल्लवी पटेल पूरी तरह से चुनाव प्रचार में सक्रिय हो गई हैं। वह लगातार क्षेत्र का दौरा कर लोगों से संपर्क कर रहीं हैं।
डिप्टी सीएम के चुनावी समर में होने से सूबे की हाट सीट बन गई है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सिराथू में डिप्टी सीएम की घेराबंदी शुरू कर दी है। अखिलेश यादव पहले ही कह चुके हैं कि जरूरत पड़ी को वह खुद साइकिल चलाने सिराथू आएंगे। इसके अलावा पार्टी प्रत्याशी खुद आक्रामक प्रचार में जुट गईं हैं। वहीं डिप्टी सीएम के प्रचार की कमान संघ एवं पार्टी के मंझे खिलाड़ियों के हाथ में है।
उनकी टीम एक-एक बिंदु पर सिद्दत से काम कर रही है। खुद उपमुख्यमंत्री की पत्नी राजकुमारी महिलाओं की टोली के साथ रोजाना गांवों का दौरा कर डोर-टू-डोर संपर्क कर रहीं हैं। ऐसे में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। इसी तरह मंझनपुर सीट से लगातार चार बार विधायक रहे पूर्व कबीना मंत्री एवं सपा महासचिव इंद्रजीत सरोज इस बार भी चुनावी समर में हैं।
हालांकि, वह भाजपा के लालबहादुर से 2017 का विधानसभा चुनाव 4,160 मतों से हार गए थे। भाजपा ने इस बार भी इंद्रजीत के मुकाबले अपने सिटिंग एमएलए को टिकट दिया है। दोनों उम्मीदवार व उनकी पत्नियां पूरी सिद्दत के साथ चुनाव प्रचार में जुट गई हैं। यहां भी दोनों के बीच सीधी टक्कर देखी जा रही है। संवाद
चायल में चल रही घर बनाम बाहरी की जंग
चायल सीट इस बार भाजपा ने अपने सहयोगी अपना दल (एस) के लिए छोड़ी है। नतीजतन सिटिंग एमएलए संजय कुमार गुप्ता चुनावी समर से बाहर हो गए हैं। भाजपा-अद गठबंधन ने फूलपुर के पूर्व सांसद नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल को मैदान में उतारा है।
जबकि, सपा से शहर पश्चिमी की पूर्व विधायक पूजा पाल चुनावी समर में हैं। वहीं, बसपा ने स्थानीय प्रत्याशी अतुल द्विवेदी और कांग्रेस ने अपने पूर्व जिलाध्यक्ष तलत अजीम को एक बार फिर मैदान में उतारा है। भाजपा-अद गठबंधन और सपा उम्मीदवार के लिए विपक्षी दल बाहरी होने का ढिंढोरा पीट रहे हैं। ऐसे में यहां जंग स्थानीय बनाम बाहरी को लेकर चल रही है। चायल में मुकाबला फिलहाल त्रिकोणीय बनता दिख रहा है।
The reputation of veterans at stake in Doaba