गर्मी की शुरुआत के साथ ही बिजली की मांग तेजी बढ़ने लगी है। स्थिति को देखते हुए विद्युत विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। वर्ष 2026-27 के लिए विभाग ने तीन महीने पहले 835 ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता वृद्धि का प्रस्ताव शासन को भेजा है, ताकि बढ़ते लोड को संभाला जा सके। लेकिन अब तक प्रस्ताव लंबित है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, बीते साल मार्च में जिले की बिजली खपत 116 मेगावाट थी, जो भीषण गर्मी में बढ़कर 139 मेगावाट तक पहुंच गई थी। इस बार मार्च में ही खपत 124 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। अधिकारियों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने के साथ यह खपत 140 से 150 मेगावाट तक जा सकती है।
इसके अलावा जिले में जर्जर और ढीली विद्युत तारों को दुरुस्त करने का काम तेजी से चल रहा है। पुराने ट्रांसफाॅर्मरों की मरम्मत भी कराई जा रही है, ताकि गर्मी के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यदि प्रस्ताव को समय पर मंजूरी मिल जाती है, तो बिजली व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
लो-वोल्टेज से राहत देगा नया पावर हाउस
:: गर्मी में लो-वोल्टेज और ओवरलोड की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को जल्द राहत मिलने वाली है। मुख्यालय के पास छोगरियन का पूरा में नया विद्युत उपकेंद्र तेजी से तैयार किया जा रहा है। वर्तमान में इन गांवों को मंझनपुर उपकेंद्र से बिजली मिलती है, जहां अधिक लोड के कारण ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती है।
इससे उपभोक्ताओं को परेशानी होती है और कई बार बिजली उपकरण खराब होने की शिकायतें भी सामने आती हैं। नए पावर हाउस में 5-5 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति मिल सकेगी। अधिकारियों के अनुसार जून तक यह उपकेंद्र चालू हो जाएगा।
बढ़ती गर्मी को देखते हुए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 835 ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता वृद्धि का प्रस्ताव भेजा गया है और 100 ट्रांसफार्मर स्टॉक में रखे गए हैं। जर्जर तारों की मरम्मत जारी है। छोगरियन का पूरा में नया पावर हाउस जून तक शुरू होगा, जिससे 25 गांवों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी। - आरके कुशवाहा, अधिशाषी अभियंता
मंझनपुर स्थित विद्युत स्टोर में उतरता विद्युत ट्रांसफार्मर। संवाद