क्षेत्र के ग्राम सड़वा मजरा बिदांव में शनिवार दोपहर बिजली का जर्जर 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार के टूटकर खेत में गिरने से भीषण आग लग गई। हादसे में करीब 20 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई, जिससे एक दर्जन किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार दोपहर करीब एक बजे खेतों के ऊपर से गुजर रहा 11000 वोल्ट का तार अचानक टूट गया और फसल पर गिरते ही आग भड़क उठी। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती गई और कई खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। प्रभावित किसानों में जयप्रकाश, सुग्गनलाल, गोरेलाल, गभोरे, बृजमोहन, राजमोहन, घनश्याम, अशर्फी लाल (सड़वा), लवकुश, संतालाल, अभय और अजय (बिदांव) शामिल हैं।
सूचना पर थाना प्रभारी कृष्ण कुमार यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक पूरी फसल जल चुकी थी।
पीड़ित किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार थी। कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी, ऐसे में फसल जलने से उनके सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए उचित मुआवजे की मांग की है।
फायर ब्रिगेड नहीं पहुंची, ट्रैक्टरों से बनी ‘फायर ब्रेक’
आग लगते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। किसान अपने खेत बचाने के लिए दौड़े, लेकिन आग की तीव्रता के आगे उनके प्रयास कमजोर पड़ते नजर आए। सूचना पर विदावा चौकी प्रभारी अमित द्विवेदी मौके पर पहुंचे और छह ट्रैक्टरों से खेतों की जुताई कर ‘फायर ब्रेक’ बनवाया। जिससे आग के फैलाव को रोका जा सका और धीरे-धीरे आग पर नियंत्रण पाया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार फोन करने के बावजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ी समय पर नहीं पहुंची। इसको लेकर लोगों में काफी नाराजगी देखी गई। उनका कहना है कि यदि दमकल समय पर पहुंच जाती, तो नुकसान कम हो सकता था।
ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए खराब मौसम में बिजली सप्लाई बंद की जाएगी। साथ ही जहां-जहां तार ढीले हैं, वहां कर्मचारियों को भेजकर मरम्मत कराई जा रही है। आरके कुशवाह, अधिशाषी अभियंता, मंझनपुर
आग से जलकर राख हुई लोगों की फसलें। स्रोत: ग्रामीण