सरसवां ब्लाॅक के रायपुर ग्राम पंचायत के प्रधान ने पीएम की महत्वाकांक्षी सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण मिशन 2.0 योजना की धनराशि डकारने में भी संकोच नहीं किया। अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने पर डीएम ने पंचायती राज एक्ट के तहत पद से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दिया है।
राष्ट्रीय सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण मिशन 2.0 के अंतर्गत बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने सरसंवा ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रायपुर परिसर में आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए ग्राम पंचायत को कार्यदाई संस्था नामित किया था। ग्राम पंचायत रायपुर के खाता संख्या 1369010000953 में 20 मार्च 2024 को दो लाख रुपये प्रेषित किया था।
कुल 11.84 लाख की लागत से निर्मित होने वाले आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण मनरेगा और पंचायती राज विभाग के साथ कन्वर्जेंस के माध्यम से करने के लिए तत्कालीन डीएम ने आदेश जारी किया था लेकिन मनमानी करते हुए प्रधान अनूप कुमार और सचिव मनोज कुमार सोनी ने प्रस्तावित स्थल प्राथमिक विद्यालय परिसर रायपुर में अब तक निर्माण शुरू नहीं किया।
दूसरी ओर भवन निर्माण मद में आई धनराशि को टाइल्स और हैंड पंप लगाने के मद में बिल वाउचर लगाकर डकार गए। जबकि बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अपर निदेशक वित्त अमर सिंह ने पांच फरवरी 2024 को बताया था कि इस धनराशि को किसी अन्य योजना, कार्यक्रम, मद में व्यय नहीं किया जा सकता है।
मामले की जांच में प्रधान अनूप कुमार और सचिव मनोज कुमार सोनी को दोषी पाया गया है। इस पर कार्रवाई करते हुए सचिव को 25 अक्तूबर को निलंबित कर दिया गया है। 28 अक्तूबर को प्रधान अनूप कुमार को पद से हटाने के लिए जिलाधिकारी ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सचिव को निलंबित करते हुए प्रधान के खिलाफ पद से हटाने का नोटिस जारी किया गया है। उचित जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी।