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ब्लॉक प्रमुख के लिए शुरू हुआ सियासी संग्राम

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ब्लॉक प्रमुख पद के लिए अधिसूचना जारी होने के साथ ही जिले के सभी आठ ब्लॉकों में सियासी हलचल तेज हो गई। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत के बाद जहां भाजपा के हौसले बुलंद हैं वहीं, सपा इन चुनावों से वापसी की पूरी कोशिश में है। चुनावी तिथि के एलान के बाद से दोनों दलों में समर्थन के लिए उम्मीदवारों ने बीडीसी सदस्यों की परिक्रमा प्रारंभ कर दी है।
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अपने-अपने नेताओं के माध्यम से समर्थन के लिए उम्मीदवार लामबंदी में जुटे हुए हैं। मंगलवार को दिनभर पार्टी के स्थानीय नेताओं के बीच बैठकों का दौर चलता रहा। हालांकि, सपा ने पहले से ही तीन ब्लॉकों में अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर रखे हैं। जबकि भाजपा ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
उधर, पार्टी स्तर पर समर्थन जुटाने के अलावा संभावित उम्मीदवार बीडीसी सदस्यों को अपने पाले में लाने में जुटे हुए हैं। नेवादा, सरसवां, मूरतगंज, कड़ा, सिराथू और मंझनपुर ब्लॉकों में जोरदार मुकाबले की उम्मीद है। एक-एक बीडीसी सदस्य को अपने पाले में जुटाने के लिए तगड़ी लामबंदी चल रही है। सभी उम्मीदवारों ने थैली का मुंह खोल दिया है।
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मंझनपुर ब्लॉक
आरक्षण- अनु. जाति महिला
बीडीसी सदस्यों की संख्या-73
सदर (मंझनपुर) ब्लॉक प्रमुख सीट अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित होने के कारण यहां फिलहाल दो ही दावेदार हैं। पिछली बार यह सीट सपा के पास थी। भाजपा की पूरी कोशिश अपने समर्थक को कुर्सी दिलाने की है। इसी सीट पर सदर विधायक लालबहादुर के करीबी रिश्तेदार की भाजपा से चुनाव लड़ने की संभावना है। जबकि समाजवादी पार्टी ने वीरेंद्र फौजी की पत्नी मनीषा देवी को अधिकृत उम्मीदवार बनाया हैै। मनीषा के लिए चुनाव में उनकी पार्टी के ही लोग खतरा पैदा कर रहे हैं।
चायल ब्लॉक
आरक्षण- सामान्य
बीडीसी सदस्यों की संख्या - 39
सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित चायल ब्लॉक प्रमुख की सीट पर इस मर्तबा मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं। निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख इंजीनियर सोनू कुमार ने अपनी भाजपा से अपनी दावेदारी की है। इसी क्रम में भाजपा से ही दो अन्य दावेदार प्रयागराज सदर के गौसपुर कटहुला के निवर्तमान ग्राम प्रधान दिलीप प्रजापति और राज्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के करीबी माने जाने वाले लालचंद्र यादव भी लाइन में है। माना जा रहा है कि सत्ता दल भाजपा जिसे भी अपना उम्मीदवार बनाएगी उसकी जीत पक्की है। सपा से फिलहाल कोई चेहरा सामने नहीं दिख रहा है।
नेवादा ब्लॉक
आरक्षण - अनुसूचित जाति
बीडीसी सदस्यों की संख्या - 86
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नेवादा ब्लॉक प्रमुख की सीट के लिए क्षेत्र में रस्साकस्सी का दौर जारी है। पिछली बार अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित यह सीट पर्दे के पीछे से संचालित की गई। इस बार भी इस अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुई इस सीट पर क्षेत्र के दो कद्दावर नेता कब्जा जमाने के लिए आतुर हैं। जिसमें एक बालू कारोबारी हैं तो दूसरे निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख के प्रतिनिधि। दोनों में ब्लॉक प्रमुख की सीट पर कब्जा जमाने के लिए जोर आजमाइश चल रही है।
मूरतगंज
आरक्षण - अनुसूचित जाति
कुल सदस्यों की संख्या - 73
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित मूरतगंज ब्लॉक प्रमुख सीट पर कई वर्षों से समाजवादी पार्टी के कब्जे में रही है। यहां इस बार भारतीय जनता पार्टी दम खम के साथ अपना उम्मीदवार उतार कर सीट पर कब्जा जमाना चाहती है। लेकिन इस सीट पर भाजपा को अपना उम्मीदवार तय करने से लेकर कब्जा जमाना टेढ़ी खीर साबित होगी। क्योंकि ताजे सियासी समीकरण में यहां सपा की स्थिति मजबूत बताई जा रही है।
कड़ा ब्लॉक
आरक्षण- अनारक्षित
बीडीसी सदस्यों की संख्या- 93
कड़ा ब्लॉक से सपा ने निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख अनुज सिंह यादव पर दोबारा भरोसा जताया है। जबकि भाजपा की तरफ से दो दावेदारों ने टिकट के लिए आवेदन किया है। शहजादपुर गांव के पूर्व प्रधान दिलीप तिवारी अपनी पत्नी कौशल्या देवी को चुनावी समर में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। भाजपा से टिकट के लिए कौशल्या ने भी आवेदन किया है। पार्टी का समर्थन पाने के लिए अभी यहां दोनों दावेदार अपने नेताओं को साधने में जुटे हैं।
सरसवां ब्लॉक
आरक्षण-पिछड़ा वर्ग
बीडीसी सदस्यों की संख्या- 81
सरसवां ब्लॉक की सीट अभी तक सपा के पास थी लेकिन, इस बार भाजपा ने सीट हथियाने के लिए पूरा जोर लगा दिया है। पार्टी की ओर से सांसद प्रतिनिधि भूपेंद्र पटेल और अमर सिंह पटेल अपनी-अपनी उम्मीदवारी के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं। जबकि सपा से निवर्तमान प्रमुख अपने करीबी सिपहसालार दीपू सिंह चुनावी समर में उतारने की कोशिश कर रहे हैं।
कौशाम्बी ब्लॉक
आरक्षण- महिला
सदस्यों की संख्या-86
कौशाम्बी ब्लॉक की सीट आमतौर पर द्विवेदी परिवार के दबदबे वाली मानी जाती है। सीट इस बार महिला वर्ग को आरक्षित होने के चलते इसी परिवार की सुधा द्विवेदी चुनावी समर में हैं। इस सीट पर भाजपा की तरफ से फिलहाल किसी दावेदार का नाम सामने नहीं आ रहा है। जबकि सपा ने यहां पहले से ही लालबाबू सिंह की पत्नी मालती देवी को अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर रखा है।
सिराथू ब्लॉक
आरक्षण- पिछड़ा वर्ग महिला
सदस्यों की संख्या-115
डिप्टी सीएम केशव मौर्या के गृहनगर ब्लॉक की सीट इस बार पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित की गई है। यहां से प्रमुख पद की दावेदारी के लिए फिलहाल पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिलीप सिंह पटेल की पत्नी सुधा सिंह एवं लवकुश मौर्या की पत्नी सीतू मौर्या के नाम सामने आ रहे हैं। ये है दोनों दावेदार भाजपा से टिकट की लाइन में हैं। सपा से अभी तक कोई चेहरा सामने नहीं आया है। सूत्रों की मानें तो यहां निर्विरोध निर्वाचन हो सकता है।
जिला स्तर से नाम पैनल बनाकर भेजे जा चुके हैं। बुधवार को नाम घोषित कर दिए जाएंगे। चुनाव में पार्टी का सभी ब्लॉकों पर कब्जा होगा।
अनीता त्रिपाठी, भाजपा जिलाध्यक्ष
सभी ब्लॉकों से नाम एकत्रित कर लिए गए हैं। अगले चौबीस घंटे के भीतर प्रत्याशी घोषित कर दिए जाएंगे। इस बार जिपं. अध्यक्ष के चुनाव की पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी।
दयाशंकर यादव, जिलाध्यक्ष, सपा
नामांकन कल, दस को मतदान
चुनाव आयोग से जारी अधिसूचना के मुताबिक आठ जुलाई को नामांकन दाखिल होगा। नौ को स्क्रूटनी होने के साथ ही दोपहर तीन बजे तक नाम वापसी की जा सकेगी। दस जुलाई को सुबह ग्यारह बजे से दोपहर तीन बजे तक मतदान होगा। मतदान के बाद ही मतगणना भी आरंभ करा दी जाएगी। इसके साथ ही परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे।
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