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Kaushambi News: डॉक्टर बढ़े तो बदली तस्वीर... ओपीडी में तीन गुना बढ़े मरीज

Wed, 18 Feb 2026 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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​मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल।  संवाद - फोटो : मासूम की मौत के बाद जिंदगी और मौत से जूझ रही मां।
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बीते दो वर्षों में मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य सेवाओं में काफी सुधार हुआ है। इसका असर यह है कि ओपीडी में मरीजों की संख्या करीब तीन गुना तक बढ़ गई है, जबकि पैथालॉजी जांचें पांच गुना बढ़ गई हैं। आईपीडी, जनरल सर्जरी और सिजेरियन डिलीवरी के मामलों में भी पहले की तुलना में इजाफा हुआ है।
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मुख्यालय स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय को अप्रैल 2023 में मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिला था। इससे पहले डॉक्टरों की कमी के कारण यहां इलाज कराना आसान नहीं था। दोपहर बाद इमरजेंसी में विशेषज्ञों की उपलब्धता नहीं रहती थी और ओपीडी व्यवस्था भी प्रभावित रहती थी।
मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिलने के बाद हालात बदले। पहले जहां केवल 20 डॉक्टर तैनात थे, अब प्रोफेसर, पीएमएस, सीनियर और जूनियर रेजीडेंट मिलाकर 150 से अधिक चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। चिकित्सकों की संख्या में इजाफे के साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी लापरवाह चिकित्सकों व कर्मचारियों पर शिकंजा कसा।
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अस्पताल का भवन तैयार, संचालन को हरी झंडी का इंतजार
:: जिला अस्पताल परिसर में मेडिकल कॉलेज के दो श्रेणी के भवन जी प्लस-फोर और जी प्लस-सेवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इन भवनों में विभिन्न विभागों के वार्ड, ओपीडी कक्ष और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। अब केवल औपचारिक हैंडओवर की प्रक्रिया शेष है। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही भवन को संचालित किया जाएगा।
सी-आर्म मशीन के अभाव में हड्डी के ऑपरेशन प्रभावित
:: मेडिकल कॉलेज में आवश्यक सी-आर्म मशीन न होने से हड्डी के ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही है। सी-आर्म मशीन सर्जरी के दौरान एक्स-रे इमेजिंग के जरिये हड्डियों की सही स्थिति देखने में मदद करती है। इसके अभाव में डॉक्टरों को सटीक प्रक्रिया समझने में अधिक समय लगता है, जिससे ऑपरेशन जटिल हो सकता है। हड्डी विभाग के डॉक्टरों का कहना है कि सी-आर्म मशीन उपलब्ध होने से फ्रैक्चर, प्लेटिंग और अन्य ऑर्थोपेडिक सर्जरी अधिक सुरक्षित व प्रभावी तरीके से की जा सकती हैं।
चार साल में ओपीडी में मरीजों व पैथालॉजी की संख्या
विभाग 2022 2023 2024 2025
ओपीडी 1,93,892 2,85,592 3,07,168 3,98,374
आईपीडी 14,899 19,813 21,846 26,872
जनरल सर्जरी 1,167 1,617 2,043 3,342
सामान्य प्रसव 4,069 3,039 2,572 3,944
सीजेरियन प्रसव 540 791 554 1,175
एक्स-रे जांच 20,048 27,779 33,534 36,442
सीटी स्कैन 6,705 8,669 8,122 11,642
पैथालॉजी जांच 86,720 6,49,934 10,54,556 30,48,467
:: पिछले दो वर्षों में अस्पताल में कई नई सुविधाएं शुरू की गई हैं, जिससे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सी-आर्म मशीन के लिए पत्राचार किया गया है और जल्द इसके उपलब्ध होने की उम्मीद है। अस्पताल परिसर में बने जी-प्लस-फोर और जी-प्लस-सेवन भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है, जिन्हें जल्द ही संचालित किया जाएगा। - डॉ. हरिओम कुमार सिंह, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य

मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल।  संवाद- फोटो : मासूम की मौत के बाद जिंदगी और मौत से जूझ रही मां।

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