दोआबा के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अब नए राशन कार्ड नहीं जारी हो सकेंगे। इसके पीछे की वजह बताई गई कि कुल जनसंख्या का नगरीय क्षेत्र में 64 तथा ग्रामीण में 79 फीसदी राशन कार्ड बनाए जाते हैं। कौशाम्बी में ये मानक तकरीबन पूरा होने की कगार पर है। लॉकडाउन में अब तक 7460 नए राशन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। जबकि पांच हजार से ज्यादा आवेदन लंबित हैं। हालांकि इनमें से अधिकतर आवेदन फर्जी हैं।
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से बचाव के लिए 25 मार्च से जारी लॉकडाउन में गरीबों को खाद्यान्न की समस्या नहीं हो, इसके लिए शासन ने वंचितों को नए राशन कार्ड जारी करने का निर्देश दिया है। ताकि, लोग राशनकार्ड के जरिए राशन डीलरों से खाद्यान्न उठा सकें। लॉकडाउन में अब तक जिले भर से तकरीबन 13 हजार लोगों ने इसके लिए आवेदन किया है। इनमें से 7460 परिवारां को राशन कार्ड जारी भी किए जा चुके हैं। इस तरह से अब तक जनपद के नगरीय क्षेत्र में 18,873 तथा ग्रामीण इलाके में 2,84,636 समेत कुल 303509 राशन कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
जो जनसंख्या का नगरीय क्षेत्र में 63.32 तथा ग्रामीण में 78.80 प्रतिशत है। जबकि शासकीय नियमानुसार कुल जनसंख्या का नगरीय क्षेत्र में 63.45 तथा ग्रामीण इलाके में 79.56 फीसदी यूनिट ही राशनकार्ड जारी किया जा सकता है। ऐसे मे नए राशनकार्डों के लिए आवेदन करने वाले लगभग पांच हजार लोगों का मायूस होना तय है। पूर्ति निरीक्षक सदर प्रवीण कुमार सिंह का कहना है कि वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर नए राशन कार्ड जारी करने का मानक तकरीबन पूरा हो गया है। अब कोई नया राशनकार्ड नहीं बनेगा।