ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए जिले की 451 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी। योजना के तहत पहले चरण में 103 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इसके लिए 4.12 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर चार लाख रुपये खर्च किए जाएंगे और मार्च तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य है।
डिजिटल लाइब्रेरी ग्राम पंचायत भवनों में संचालित की जाएंगी और उनकी देखरेख ग्राम सहायक करेंगे। इससे छात्रों को शहरों की लाइब्रेरी या कोचिंग संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि इन लाइब्रेरियों में प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित विभिन्न विषयों की पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकारी नौकरियों, प्रवेश परीक्षाओं और अन्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को इससे सीधा लाभ मिलेगा। विषयवार पुस्तकों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि छात्रों को एक ही स्थान पर समग्र अध्ययन सामग्री मिल सके।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी लाइब्रेरी
डीपीआरओ ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां कंप्यूटर, इंटरनेट और वाई-फाई की व्यवस्था रहेगी, जिससे छात्र ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म और डिजिटल संसाधनों का लाभ उठा सकेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता को भी बढ़ावा मिलेगा।
अभी तक हम लोग घर के माहौल में ही पढ़ाई करते हैं। जहां कई बार पढ़ाई बाधित भी हो जाती है। ऐसे में यदि उनके ही क्षेत्र में सभी प्रकार की पुस्तकों से लैश लाइब्रेरी की व्यवस्था मिल जाएगी तो पढ़ाई करने में और आनंद आएगा। - अरविंद कुमार, बिसारा, छात्र।
डिजिटल लाइब्रेरी को इंटरनेट की मदद से कहीं भी एक्सेस कर सकते हैं। किसी भी फिजिकल लाइब्रेरी के मुकाबले डिजिटल लाइब्रेरी में असीमित स्पेस होता है। क्षेत्र में लाइब्रेरी की व्यवस्था मिलने से पढ़ाई को रफ्तार मिल जाएगी। - शिवा त्रिपाठी, छात्र
हमारे जिले में पुस्तकालय खोलना शिक्षा और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत लाभकारी है। यहां छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शांत माहौल मिलेगा। इससे हमारे जिले में साक्षरता दर बढ़ेगी। साथ ही शहर की तरह छात्रों को गांव में ही माहौल मिलेगा। - मयंक अग्रहरि, मंझनपुर
विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए सिर्फ अपने विश्वविद्यालय या कॉलेज की लाइब्रेरी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उच्च शिक्षा की पहल पर युवाओं को जिले में बेहतर ज्ञान का अवसर मिलेगा, छात्रों को लाइब्रेरी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। - सार्थक कुमार गुप्ता (अजुहा)
मयंक अग्रहरि, मंझनपुर
मयंक अग्रहरि, मंझनपुर
मयंक अग्रहरि, मंझनपुर