नेवादा। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने शुक्रवार को सघन सहकारी समिति बसुहार का निरीक्षण किया। अफसरों ने निर्माण कार्य के गुणवत्ता की जांच की। कार्यदायी संस्था द्वारा दोयम दर्जे की ईंट का प्रयोग निर्माण कार्य में किया जा रहा था। डीएम ने सहायक निबंध सहकारिता को ईंट निकालकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने का निर्देश दिया है। अफसरों ने पुरानी सहकारी समिति की जांच की। यहां बड़ी मात्रा में पुरानी खाद पड़ी थी।
विकास खंड नेवादा के बसुहार गांव में 20 लाख रुपये की लागत से सहकारी समिति बनवाई गई है। निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था पैक्सफेड को दी गई थी। समिति के अध्यक्ष निर्भय कुमार मिश्रा का कहना है कि भवन निर्माण में मानक की जमकर अनदेखी की गई है। दोयम दर्जे की ईंट लगाई गई है।
वहीं रेती और सीमेंट के अनुपात में भी गड़बड़ी की गई है। तीन दिन पहले जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी बीएन मिश्रा ने शुक्रवार को गांव का दौरा करके समिति का स्थलीय निरीक्षण किया। अफसरों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की। डीएम ने बताया कि भवन निर्माण में घटिया किस्म की ईंटों के इस्तेमाल की आशंका है। डीएम ने सहायक निबंधक सहकारिता को ईंटें निकाल लखनऊ स्थित प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजने का निर्देश दिया है।
सहकारी समिति बसुहार में बड़ी मात्रा में पुरानी खाद डंप पड़ी थी। सचिव की यह मनमानी जिलाधिकारी राजमणि यादव और मुख्य विकास अधिकारी बीएन मिश्रा की जांच में सामने आई है। डीएम ने सभी 64 सहकारी समितियों की जांच के लिए सीडीओ की अगुवाई में जिलास्तरीय अफसरों की टीम गठित कर दी है। साथ ही सहायक निबंधक सहकारिता की जमकर क्लास ली। डीएम ने कहा कि विभागीय कर्मचारियों की मनमानी के कारण समितियों में उर्वरक खराब हो रही है।