निजी अस्पतालों में तीन से पांच हजार रुपये में लगने वाली एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन को निशुल्क लगानेे के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए अभियान 28 मार्च से शुरू है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की कुल 19,240 बालिकाएं चिह्नित की गई हैं। वहीं, प्रथम चरण में जिले को 4,810 डोज प्राप्त हुई हैं। ब्लॉक मुख्यालयों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में वैक्सीनेशन की व्यवस्था की गई है।
अभिभावकों की सहमति जरूरी, तुरंत मिलेगा प्रमाणपत्र
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि वैक्सीन लगाने से पहले अभिभावकों की सहमति अनिवार्य होगी। जिस बच्ची को टीका लगाया जाएगा, उसे तुरंत विभाग की ओर से प्रमाणपत्र दिया जाएगा और उसका विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर भी अपलोड किया जाएगा। इससे भविष्य में वैक्सीनेशन का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
सर्वाइकल कैंसर के साथ मस्सों से भी सुरक्षा
डिप्टी सीएमओ डॉ. हिंद प्रकाश मणि ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव में बेहद प्रभावी है। यह शरीर पर होने वाले कुछ प्रकार के मस्सों से भी सुरक्षा प्रदान करती है। प्रधानमंत्री की तरफ से 28 फरवरी को इस अभियान का शुभारंभ किया गया था, जिसके बाद जिले में 28 मार्च से वैक्सीनेशन शुरू हुआ।
यह वैक्सीन किशोरियों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। अभिभावक बिना किसी भ्रम के अपनी बेटियों को यह टीका जरूर लगवाएं, ताकि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव सुनिश्चित किया जा सके। -डॉ. संजय कुमार सिंह, सीएमओ