The girl gets her mother's Aanchal
- फोटो : KAUSHAMBI
बच्ची को मिल गया मां का आंचल
केला खरीदने के चक्कर में बेटी को भूल गई थी मां
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। सैनी बस स्टाप में लावारिस हालत में मिली एक बच्ची को उसकी मां केला खरीदने के चक्कर में भूल गई थी। केला लेकर वापस लौटने पर बच्ची नहीं मिली तो वह खोजबीन करते हुए प्रयागराज पहुंच गई। सिविल लाइन कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। बच्ची मिलने की खबर फैलने पर पड़ोसी के रिश्तेदार ने फोन करके बच्ची के बारे में जानकारी दी। रविवार रात जिला अस्पताल पहुंचे दंपती बच्ची को साथ ले गए।
पइंसा कोतवाली के उदहिन बुजुर्ग गांव निवासी रामचंद्र की शादी तीन साल पहले सुमित्रा के साथ हुई थी। रामचंद्र सूरत में कमाता है। सुमित्रा के दो बेटियां हुई। बड़ी बेटी दो साल की है जबकि छोटी छह माह की। शनिवार को रामचंद्र सूरत जाने को तैयार हुआ तो सुमित्रा भी साथ चलने की जिद करने लगी। इसे लेकर पति-पत्नी में विवाद हुआ। शाम को रामचंद्र अकेला सूरत के लिए निकल गया। इसके बाद सुमित्रा ने भी दोनों बेटियों को साथ लिया और सैनी बस स्टाफ पहुंच गई। सुमित्रा का कहना है कि उसने दोनों बेटियों को गोद में ले रखा था। बस स्टाप पर बड़ी बेटी केला खाने की जिद करने लगी। इस पर दुकान तलाशने लगी तो वहां रही एक बुजुर्ग महिला ने छोटी बेटी को गोद में ले लिया। इसके बाद वह केला लेकर लौटी तो महिला व बच्ची गायब थे। उसे आशंका हुई कि महिला बच्ची को लेकर प्रयागराज नहीं चली गई हो। इस पर बेटी की खोजबीन करते प्रयागराज पहुंची। वहां बच्ची को नहीं पाकर स्थानीय लोगों से आपबीती बताई तो उन्होंने सिविल लाइन कोतवाली में शिकायत करने को कहा। पुलिस से शिकायत करने के बाद सुमित्रा गांव लौट गई। यह बात उदहिन बुजुर्ग गांव में जंगल की आग की तरह फैल गई। इस बीच पड़ोस में रहने वाले बुदुन ने डोरमा में ब्याही अपनी बहन के घर फोन कर हाल चाल लिया। बातों के दौरान उसने रामचंद्र की बेटी गायब हो जाने का जिक्र कर दिया। तभी बहन ने बताया कि उसके गांव में चर्चा है कि सैनी में कोई बच्ची मिली है। इसके बाद लोगों ने सैनी कोतवाली संपर्क किया तो मालूम चला कि बच्ची को चाइल्ड लाइन वालों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। उधर सैनी पुलिस ने बच्ची के बाबत सिविल लाइन कोतवाली को खबर दी। सिविल लाइन कोतवाली में सुमित्रा ने रामचंद्र का मोबाइल नंबर लिखाया था। इस पर पुलिस ने उसे भी खबर कर दिया। रविवार की रात परिवार के साथ जिला अस्पताल पहुंचे दंपति बच्ची को लिखापढ़ी के बाद साथ लेकर चले गए।