कूरा गांव के समीप दरकी फोरलेन सड़क एवं उस पर पैचिंग का किया गया प्रयास। संवाद
भगवान बुद्ध की धरती को बौद्ध सर्किट से जोड़ने के उद्देश्य से बन रही एयरपोर्ट-कौशाम्बी फोरलेन सड़क का निर्माण पूरा होने से पहले ही गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़क में जगह-जगह दरारें और धंसाव दिखाई देने लगे हैं। इससे कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
प्रयागराज के बमरौली एयरपोर्ट से कौशाम्बी बुद्धस्थली की कुल दूरी करीब 42 किलोमीटर है। इसमें 464.95 करोड़ रुपये की लागत से 31.85 किलोमीटर सड़क लोक निर्माण विभाग कौशाम्बी की देखरेख में निर्माण हो रहा है। इसे बुद्ध सर्किट से जोड़कर पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना है। तय समय सीमा के अनुसार दिसंबर 2024 तक कार्य पूरा होना था, लेकिन प्रयागराज संगम पर कुंभ मेले की तैयारियों के चलते शासन ने दो वर्ष का अतिरिक्त समय दे दिया।
कार्यदायी संस्था छात्र शक्ति इंफ्रा लिमिटेड का दावा है कि करीब 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है, लेकिन सरायअकिल विद्युत उपकेंद्र के समीप और जयंतीपुर गांव समेत कई स्थानों पर सड़क ट्रकों और डंपरों के दबाव से छह से आठ मिलीमीटर तक धंस गई है।
सड़क पर पहियों की लीक बन गई है, इससे सड़क में दरारें आ गई है। कुछ जगहों पर तो ऊपर से पैचिंग कर सड़क बराबर करने की कोशिश की गई है। आरोप है कि मानक के अनुरूप बेस और डामर परत नहीं डाली गई, जिससे सड़क जल्दी खराब हो रही है।
जहां बस्ती है, नाला निर्माण बाद में होने से यह समस्या कुछ जगहों आई हैं। अभी फाइनल लेयरिंग होनी बाकी है। - दयाशंकर अधिशाषी अभियंता निर्माण खंड कौशाम्बी