नेवादा ब्लॉक के लोही गांव स्थित शिवमहापुराण में कथा कहते विद्याधर त्रिपाठी व कथा सुनती महिलाएं।
नेवादा ब्लाॅक के लोही गांव में चल रही शिवपुराण कथा के चौथे दिन श्रीधाम वृन्दावन से पधारे कथा व्यास विद्याधर त्रिपाठी ने तारकासुर वध, कार्तिकेय चरित्र, गणेश महिमा व जालंधर चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनकर पंडाल में बैठे श्रोता झूम उठे। कथा व्यास ने बताया कि शिवपुराण के अनुसार तारकासुर ने घोर तपस्या कर ब्रह्मा जी से वरदान मांगा था कि उसकी मृत्यु केवल शिव पुत्र के हाथों ही हो, क्योंकि उसे विश्वास था कि शिव पुत्र का जन्म ही नहीं होगा। देवताओं की रक्षा के लिए मां पार्वती ने कठोर तप किया और शिव जी से उनका विवाह हुआ। उनके तेज से कार्तिकेय (स्कंद )का जन्म हुआ। कार्तिकेय को देवताओं का सेनापति बनाया गया। उन्होंने ने तारकासुर के साथ भीषण युद्ध कर तारकासुर का वध किया और देवताओं को भयमुक्त किया।