अखिल भारतीय कुर्मी-क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय सचिव मानसिंह पटेल व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल को रविवार को पुलिस-प्रशासन ने धाता के अजरौली गांव जाने से रोक दिया। वे पड़ोसी के हमले में जान गंवाने वाले केशपाल के घर जा रहे थे। बाद में बाइक से रास्ता बदलकर सभी पहुंच गए। उदहिन गांव के पास फतेहपुर और कौशाम्बी पुलिस ने उन्हें रोका तो पदाधिकारियों से नोकझोंक भी हुई। मानसिंह पटेल ने कहा कि सरकार तानाशाही कर रही है। पीड़ित परिवारों के आंसू पोंछने से रोकना मानवाधिकार का उल्लंघन है।
प्रदेश अध्यक्ष बालकुमार पटेल ने कहा कि शासन-प्रशासन आरोपी श्याम पांडेय को बचा रहा है। गिरफ्तारी के बाद उसे धाता के सरकारी अस्पताल में विशेष उपचार दिया गया और थाने में वीआईपी ट्रीटमेंट मिला। आरोप लगाया कि क्षेत्रीय विधायक समाज के भाईचारे और अमन-चैन में बाधा डाल रहे हैं।
किसान केशपाल की फरसे और कुल्हाड़ी से हत्या तथा दो किसानों वीरभान पटेल और रामलखन पटेल पर जानलेवा हमला प्रदेश की बड़ी हिंसात्मक घटना है। पूर्व सांसद ने खागा सीओ बृजमोहन राय और थाना प्रभारी योगेश कुमार सिंह को हटाने की मांग की।
इस दौरान प्रदेश महासचिव रामसिंह वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष डाॅ. पंकज पटेल, प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ शालिनी पटेल, प्रदेश सचिव नंदकुमार वर्मा, जिलाध्यक्ष फतेहपुर मोहर सिंह पटेल मौजूद थे।