मूरतगंज (ब्यूरो)। प्रसूताओं को मूरतगंज अस्पताल में खाना नहीं दिए जाने से बृहस्पतिवार को उनके तीमारदारों ने जमकर हंगामा काटा। डॉक्टर, एएनएम और ठेकेदार पर मिलीभगत कर भोजन, नाश्ते का पैसा डकारने का आरोप लगाते हुए लोगों ने चिकित्सा प्रभारी का घेराव भी किया। पीएचसी प्रभारी ने जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिला लोगों को शांत कराया। पीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि उन्हें आज ही इसकी जानकारी हुई है। वे ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ को पत्र भेजेंगे।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मूरतंगज में 24 घंटे डिलेवरी की सुविधा उपलब्ध है। अस्पताल के रिकार्ड पर गौर करें तो रोजाना यहां 10 से 15 प्रसव होते हैं। सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल आने वाली प्रसूताओं को अस्पताल की ओर से नाश्ता, भोजन नि:शुल्क मिलने की व्यवस्था शासन ने की है। पर, इस व्यवस्था की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मूरतगंज में धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। प्रसूताओं को नाश्ता, भोजन नहीं दिया जा रहा है। ठेकेदार की इस मनमानी पर बृहस्पतिवार को प्रसूताओं के तीमारदारों का गुस्सा फूट पड़ा।
डॉक्टर, एएनएम और ठेकेदार पर मरीजों के नाश्ता, भोजन का पैसा डकार लेने का आरोप लगाते हुए लोगों ने अस्पताल में जमकर हंगामा काटा। गुस्साए ग्रामीणों ने प्रभारी चिकित्साधिकारी का घेराव भी किया। इस दौरान रोही गांव की प्रसूता रानी देवी पत्नी विजय कुमार, शोभना गांव की गुड़िया देवी, उजिहिनी गांव की राजकुमारी, आलमचंद्र गांव की सुमन देवी, महमदपुर की फरीदा, चंदवारी की पुष्पा देवी, कसिया पूरब की रानी पाल, ककोढ़ा के अन्नू देवी, बसेढ़ी की निर्मला देवी, कसिया पश्चिम गांव की माया देवी आदि ने बताया कि दो दिन से वे प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें घर से चाय, नाश्ता, खाना सबकुछ मंगाना पड़ा है। वहीं कई लोगों ने बताया कि अस्पताल में कभी भी मरीजों का नाश्ता, भोजन नहीं दिया जाता है। जबकि अस्पताल के कर्मचारियों की मानें तो आठ दिन से यह समस्या है।