मंझनपुर/चायल/सिराथू। संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को चायल तहसील के अफसर उस वक्त आवाक रह गए जब भूमि पर कब्जा नहीं मिलने से आहत एक किसान ने आत्महत्या करने की धमकी दे दी। एसडीएम आकाश सिंह ने फौरन जांच कराकर प्रकरण निस्तारित कराने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। शनिवार को जिले की तीनों तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दाैरान 122 ने शिकायतें दी, मात्र नौ को ही मौके पर इन्साफ मिला।
डीएम मधुसूदन हुल्गी एवं एसपी राजेश कुमार ने मंझनपुर तहसील के जिला स्तरीय कार्यक्रम में जनशिकायतें सुनी। यहां आई 56 शिकायतों में चार का त्वरित निस्तारित किया गया। यहां सीडीओ विनोद राम त्रिपाठी, सीएमओ डॉ.संजय कुमार एवं एसडीएम एसपी वर्मा आदि मौजूद रहें।
चायल तहसील में एसडीएम आकाश सिंह ने सीओ अभिषेक सिंह के साथ शिकायतें सुनीं। इस दौरान सरायअकिल के पनारा गोपालपुर गांव निवासी रघुनाथ कुशवाहा ने बताया कि बंटवारे को लेकर एसडीएम कोर्ट में उसका धनराज कुशवाहा आदि से वाद चल रहा था। 16 जनवरी 2025 को अंतिम डिग्री पारित हो गई। आदेश का अनुपालन कराने के लिए फाइल तहसीलदार से होते हुए राजस्व निरीक्षक के पास पहुंची।
कानूनगो ने कब्जा दिलाने के लिए दोनों पक्षों को नोटिस तामील करा दी। रघुनाथ का आरोप है कि लगातार चक्कर लगाने के बावजूद विपक्षियों से साठगांठ कर राजस्व कर्मी कब्जा नहीं दिला रहे हैं। पीड़ित ने हफ्ते भर में कब्जा नहीं मिलने पर आत्महत्या करने की धमकी दे दी। एसडीएम ने फौरन जांच कराकर मामला निस्तारित कराने का भरोसा दिया। यहां आई 16 शिकायतों में सिर्फ एक का निस्तारण हो सका। सिराथू में एडीएम शालिनी प्रभाकर व एएसपी राजेश सिंह के समक्ष 50 लोगों ने शिकायतें दर्ज कराई इनमें से मात्र चार का निस्तारण मौके पर किया गया।
आंगनबाड़ी की नियुक्ति में फर्जीवाड़े का आरोप
चायल। गौसपुर कटहुला गांव की पूजा कुमारी के मुताबिक उसने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि सत्यापन के लिए उसे नहीं बुलाया गया। जबकि, उसी पद पर असरावल गांव की एक महिला की नियुक्ति कर दी गई। उसने एसडीएम से मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
तालाब की भूमि पर बने मकान का मांगा मुआवजा
चायल। तहसील के कसेंदा गांव निवासी नंदलाल, जयेस यादव, उदयभान, सीताराम, रजेश कुमार और पप्पू सालिकराम आदि ग्रामीणों ने बताया कि प्रयागराज के बमरौली एयरपोर्ट से तपस्थली कौशाम्बी तक फोरलेन सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहीत की जा रही है। अधिग्रहण की जद में उन सभी का पैतृक मकान आ रहा है। तहसील प्रशासन तालाब की भूमि पर निर्माण बता कर मुआवजा भी नहीं दे रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी बार-बार घर गिराने के निर्देश दे रहे हैं। आशियाना ढहने से वह सभी सड़क पर आ जाएंगे। उन्होंने एसडीएम से मकान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।