मारपीट के आरोपी दिलशाद व राजू तिवारी। स्रोत : पुलिस मीडिया सेल
कोखराज के रोही चौराहे में पूर्व विधायक के भाई-भतीजों से मारपीट प्रकरण में संदेह के दायरे में आए बिकरू कांड में बर्खास्त दरोगा विनय तिवारी अपना पक्ष रखने के लिए थाने नहीं पहुंचा। हालांकि अपने अधिवक्ता के जरिये बर्खास्त दरोगा ने कोखराज कोतवाली में शपथ पत्र उपलब्ध कराते हुए दावा किया कि वह घटना वाले दिन वहां मौजूद नहीं था। उस पर आरोप बेबुनियाद हैं।
पूर्व विधायक चायल संजय गुप्ता के भाई सुभाष गुप्ता, भतीजे बसु व प्रांशू के साथ आठ जुलाई को मारपीट हुई थी। मामले में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर दीप नारायण त्रिपाठी निवासी लौगावां व बेलाहां सिंह निवासी शाहपुर महेवाघाट सहित 12 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने जांच शुरू की तो पीड़ित पक्ष ने मारपीट का वीडियो पुलिस को उपलब्ध कराते हुए दावा किया कि घटना को अंजाम देने में लाल शर्ट पहने युवक बिकरू कांड में शामिल बर्खास्त दरोगा विनय तिवारी निवासी अलवारा थाना महेवाघाट है।
हरकत में आई पुलिस ने विनय तिवारी के घर पर छापा मारा था। बर्खास्त दरोगा के नहीं मिलने पर पुलिस उसके घर पर नोटिस चस्पा कर 15 जुलाई को कोखराज कोतवाली में हाजिर होकर अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया था। इसके बाद भी विनय तिवारी मंगलवार को थाने पर नहीं हाजिर हुआ। थाने आकर उसके अधिवक्ता ने हलफनामा देते हुए पुलिस को बताया कि घटना वाले दिन विनय तिवारी जनपद में ही नहीं था। एसपी राजेश कुमार ने बताया कि अधिवक्ता की ओर से मिले विनय तिवारी के शपथ पत्र को संज्ञान लेते हुए प्रकरण की जांच कराई जा रही है।
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पुलिस हत्थे चढ़े मारपीट के दो आरोपी
पूर्व विधायक के भतीजों से मारपीट मामले में दो नामजद के अलावा 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। थानाध्यक्ष चंद्रभूषण मौर्य ने बताया कि घटना के वीडियो व सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने के बाद प्रकाश में आए आरोपी दीपनारायण के गाड़ी चालक दिलशाद निवासी टिकरी नागी थाना पश्चिमशरीरा और बर्खास्त दरोगा के चचेरे भाई राजू तिवारी निवासी अलवारा को मंगलवार सुबह सिहोरी गांव के समीप से गिरफ्तार कर लिया गया है। लिखापढ़ी कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया।