सरायअकिल कोतवाली के इमलीगांव में रविवार सुबह मवेशियों से खेत की रखवाली के लिए खींचे गए कंटीले तार में उतरे करंट से एक युवक व चार आवारा कुत्तों की मौत हो गई। कंटीले तार के ऊपर बिजली का हाईटेंशन तार गिरा था। घटना से युवक के घर में कोहराम है। मामले की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा चाहा, लेकिन ग्रामीण मौके पर बिजली विभाग के जेई व एसडीएम को बुलाने की मांग कर अड़ गए। बाद में पहुंचीं तहसीलदार के समझाने पर ग्रामीणों ने शव पोस्टमार्टम के लिए जाने दिया।
इमलीगांव निवासी कामता प्रसाद (32) मजदूर था। वह अपने माता पिता की इकलौती संतान था। कामता को आंखों से कम दिखाई देता था। रविवार सुबह कामता शौच के लिए खेत गया था। गांव के बाहर स्थित खेत में शिवबोध पांडेय, प्रेमचंद व विनोद आदि ने आवारा मवेशियों से फसलों के बचाव के लिए कंटीले तार बांध रखे थे। रात में खेत के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन का तार कंटीले तार पर गिर गया।
सुबह खेत की तरफ गया कामता कंटीले तार में उतरे करंट की चपेट में आ गया। करंट लगने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। कुछ देर बाद ग्रामीणों ने कामता का शव पड़ा देखा तो परिजनों को खबर दी। इसके अलावा चार कुत्ते भी करंट की चपेट में आकर मरे पड़े थे। मामले की जानकारी होने पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उनका कहना था कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण हादसा हुआ।
पहले दी गई सूचना के बाद अगर तार को बदलवा दिया जाता तो हादसा नहीं होता। ग्रामीण मौके पर एसडीएम चायल व अवर अभियंता को बुलाने की मांग कर रहे थे। जानकारी के बाद पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लेना चाहा, लेकिन ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। बाद में तहसीलदार दीपिका सिंह मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों को समझाबुझाकर शांत कराया। तहसीलदार ने पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
संजीदा होता विद्युत विभाग तो नहीं जाती जान
कामता की मौत गांव के बाद लोगों में बिजली विभाग के प्रति आक्रोश है। गांव के गिरीश मिश्रा, डीएम पांडेय, द्वारिका प्रसाद, संदीप मिश्र आदि के अनुसार शनिवार रात नौ बजे के करीब ही बिजली का तार टूटकर गिरा था। तार टूटने की जानकारी ग्रामीणों ने रात में ही विद्युत उपकेंद्र म्योहर (बेनीराम कटरा) में दी थी। लेकिन बिजली विभाग के जिम्मेदारों ने आपूर्ति बंद नहीं कराई। यदि बिजली विभाग रात में ही संजीदा होकर आपूर्ति बंद कर देता तो शायद कामता प्रसाद व चार बेजुबान कुत्तों की जान बच जाती।
डेढ़ साल पहले दपंती की हुई थी मौत
पुरखास गांव में 11 जनवरी 2021 को इस तरह का हादसा हो चुका है। गांव का बच्चीलाल रैदास अपनी पत्नी रनिया देवी उर्फ मझिलकी के साथ खेतों में मटर की निराई गुड़ाई करने गए थे। खेतों के चारों तरफ कंटीले तारों को बांधने के लिए गाड़े गए लकड़ी के खंभों को छुट्टा मवेशियों ने गिरा दिया था। बच्चीलाल खंभों को गाड़ रहा था और पत्नी ने उसे पकड़ रखा था। इस दौरान खेतों के ऊपर से गुजरा हाइटेंशन तार अचानक टूटकर गिर गया और हादसे में दंपती की मौत हो गई थी।
रात को तार गिरने की सूचना मिली थी। शट डाउन कराने के बाद तार को सही करा दिया गया था। देर रात फिर तार टूटकर गिर गया था। इसकी वजह से हादसा हुआ होगा।
- बीके तिवारी, एसडीओ चायल
इमली गांव की मृतक कामता प्रसाद की फाइल फोटो- फोटो : KAUSHAMBI