जनपद के दो ब्लॉकों की जर्जर आठ साधन सहकारी समितियों को 69.51 लाख से दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए शासन ने मंजूरी दे दी है। जल्द ही धनराशि आने की संभावना है। इसके बाद कार्यदायी संस्था काम शुरू करेगी। वहीं, समितियों में भंडारण की भी सुविधा होगी। आने वाले समय में इन समितियों को क्रय केंद्र में तब्दील किया जा सकता है।
अभी जिले के आठों विकास खंडों में 64 साधन सहकारी समितियों का संचालन हो रहा है। यहां से किसानों को उर्वरक के साथ ही केसीसी लोन आदि की सुविधा मिलती है। केंद्र में सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद साधन सहकारी समितियों का नाम बदलकर बी-पैक्स कर दिया गया है।
सरकार समितियों को विभिन्न व्यवसायों से जोड़कर इन्हें समृद्ध बना रही है। वहीं, जर्जर हो चुकी समितियों को दुरुस्त भी किया जा रहा है। नए वित्तीय वर्ष में शासन ने अन्न भंडारण योजना के तहत मंझनपुर और कौशाम्बी ब्लॉक की जर्जर हो चुकी आठ समितियों के जीर्णोद्धार की मंजूरी दे दी है।
इन पर 69.51 लाख रुपये खर्च होंगे। कार्यदायी संस्था यूपीआरएनएसएस काम कराएगी। काम होने के बाद इन समितियों पर भंडारण की व्यवस्था सही हो जाएगी। भविष्य में इनको धान, गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्र भी बनाया जा सकेगा। इससे किसानों को लाभ होगा।
किस समिति का कितनी लागत से होगा काम
समिति स्वीकृत धनराशि (रुपये में)
बी-पैक्स करारी 9.97 लाख
बी-पैक्स मंझनपुर 9.99 लाख
बी-पैक्स भद्दुरपुर टेन 7.67 लाख
बी-पैक्स मकदूमपुर ढोकसहा 9.94 लाख
बी-पैक्स कनैली 9.98 लाख
बी-पैक्स विदांव 8.23 लाख
बी-पैक्स म्योहरिया 3.76 लाख
बी-पैक्स अर्का फतेहपुर 9.97 लाख
जिले की आठ समितियों के जीर्णोद्धार के लिए शासन से मंजूरी मिल गई है। इन पर 69.51 लाख खर्च होंगे। बजट मिलते ही कार्यदायी संस्था से काम शुरू करा दिया जाएगा। राजेंद्र प्रसाद, एआर कोऑपरेटिव